नई दिल्ली, 20 अगस्त (PTI) – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सिथारामन ने बुधवार को राज्यों के मंत्रियों के समूह (GoMs) को अपनी सरकार की GST व्यवस्था में व्यापक सुधार योजनाओं से अवगत कराया, जिसमें कर दरों में कटौती और व्यापारों के लिए अनुपालन के बोझ को कम करना शामिल है।
दर संरेखण, बीमा कराधान और मुआवजा शुल्क के संबंध में मंत्रियों का समूह दो दिनों तक केंद्र सरकार के ‘नेक्स्ट-जन’ GST सुधारों पर विचार-विमर्श करेगा, जिसके तहत कर दरें 5 और 18 प्रतिशत निर्धारित की जाएंगी। इसके अलावा, 5-7 वस्तुओं पर विशेष 40 प्रतिशत की दर प्रस्तावित है, जिनमें पाप की वस्तुएं शामिल हैं।
वर्तमान में GST दरें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं। खाद्य एवं आवश्यक वस्तुएं या तो जीरो या 5 प्रतिशत की दर पर हैं, जबकि लक्ज़री और डिमेरिट वस्तुएं 28 प्रतिशत के स्लैब में आती हैं, जिन पर अतिरिक्त सेस भी लगाया जाता है।
फाइनेंस मंत्री ने मंत्रियों के समूह को लगभग 20 मिनट के संबोधन में केंद्र के प्रस्ताव का विस्तार से वर्णन किया और राज्यों को GST सुधारों की आवश्यकता समझाई।
मुआवजा सेस पर मंत्रियों के समूह की स्थापना इस सेस के ऋण चुकौती अवधि के बाद भविष्य पर निर्णय लेने के लिए की गई है। वहीं, बीमा पर समूह स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर कर दरों को कम करने पर विचार कर रहा है।
दर संरेखण समूह को स्लैब और दरों में बदलाव का सुझाव देने और कुछ क्षेत्रों में ड्यूटी इन्वर्शन को हटाने का दायित्व दिया गया है। यह समूह 21 अगस्त को फिर बैठक करेगा।
SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सालाना लगभग 85,000 करोड़ रुपये की राजस्व हानि हो सकती है। इस वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व हानि लगभग 45,000 करोड़ रुपये आंकी गई है, यह मानकर कि नई कर दरें 1 अक्टूबर से लागू होंगी।
GoMs द्वारा मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार का प्रस्ताव GST काउंसिल के समक्ष रखा जाएगा, जिसमें केंद्र और सभी राज्यों के मंत्री शामिल हैं, अगले महीने की बैठक में। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीवाली तक GST सुधारों को लागू करने का ऐलान किया है।
SBI रिसर्च रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि GST की प्रभावी भारित औसत दर शुरूआती 14.4 प्रतिशत से सितंबर 2019 तक 11.6 प्रतिशत तक गिर गई है। वर्तमान दर संरेखण के मद्देनजर, प्रभावी भारित औसत GST दर 9.5 प्रतिशत हो सकती है।
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