नई दिल्ली, 20 अगस्त (PTI) – दिल्ली हाई कोर्ट ने एक प्रतिद्वंद्वी कंपनी की याचिका पर टिप्पणी मांगी है, जिसमें प्राथमिक रियल एस्टेट डेटा चोरी का आरोप लगाया गया है।
न्यायमूर्ति मन्मीत पीएस अरोड़ा ने भूगोल एनालिटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (जो CRE मैट्रिक्स के नाम से व्यवसाय करता है), इसके निदेशक और कुछ कर्मचारियों को समन जारी किया है। यह मामला रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स कंपनी पीई एनालिटिक्स लिमिटेड (PropEquity) द्वारा दायर किया गया है।
कोर्ट ने 24 जुलाई के आदेश में प्रतिवादियों को लिखित बयान दायर करने का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर तक स्थगित की।
वादी ने आरोप लगाया कि प्रतिवादी कंपनी द्वारा प्रकाशित प्राथमिक आवासीय डेटा में स्पष्ट समानताएं और लगभग समान आंकड़े पाए गए हैं।
PropEquity ने आरोप लगाया कि CRE मैट्रिक्स 2021-2024 के दौरान प्राथमिक आवासीय डेटा के क्षेत्र में कार्यरत नहीं था, जबकि मई 2025 में “India Housing Report” शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट में इस अवधि के लिए डेटा उपलब्ध करवाया गया।
वादी ने आरोप लगाया कि प्रतिवादी कंपनी ने अनैतिक रूप से वादी की पूर्व कर्मचारियों को प्रलोभन दिया, जो महत्वपूर्ण पदों पर थे, लेकिन इस्तीफा देकर प्रतियोगी कंपनी में शामिल हो गए।
उन्होंने कहा, “वे प्रतिवादी के साथ मिलीभगत करके वादी के विशिष्ट प्राथमिक आवासीय डेटा की रक्षा में समझौता किया।”
वादी ने स्थायी इनजंक्शन और 8 करोड़ रुपये के नुकसान की मांग की है।
वादी कंपनी ने कहा कि साइबर क्राइम शाखा, गुरुग्राम में पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच शुरू कर चुकी है।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज
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