रांची, 23 अगस्त (PTI) – झारखंड सरकार ने राज्य की विभिन्न जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 51 कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सीएम आवास में हुई झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की 35वीं बैठक में लिया गया.
बैठक में 103 कैदियों के मामलों की विस्तृत समीक्षा के बाद 51 कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी। इनमें वे कैदी शामिल हैं जिन्होंने 14 वर्ष या उससे अधिक समय जेल में बिताए हैं, जिनकी उम्र ज्यादा है, जिनका जेल में आचरण अच्छा रहा है या जो बीमार हैं।
सरकार ने निर्देश दिया है कि रिहा किए गए कैदियों की पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि की जांच की जाए और उन्हें समाज में पुनर्वास के लिए सामाजिक योजनाओं (जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आवास योजना, मनरेगा, ई-श्रम आदि) का लाभ दिलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कैदियों को स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, डेयरी, मुर्गी पालन और पशुपालन जैसी योजनाओं से जोड़ने और उनके सामाजिक पुनर्वास को प्राथमिकता देने को कहा।
2019 से अब तक राज्य सरकार 619 कैदियों को रिहा कर चुकी है, जिनमें से 470 को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल चुका है।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज
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