रांची, २५ अगस्त (PTI) – सोमवार को झारखंड विधानसभा में सरकार और विपक्ष दोनों के विधायकों के प्रदर्शन के कारण हंगामा देखने को मिला, जिससे स्पीकर रबिन्द्र नाथ महतो को सदन को तीन बार स्थगित करना पड़ा।
विपक्षी भाजपा और उसके सहयोगी विधायकों ने आदिवासी नेता सूर्य हंसा के पुलिस एनकाउंटर में मौत की सीबीआई जांच तथा यहां प्रस्तावित अस्पताल परियोजना के लिए अधिगृहीत भूमि किसानों को वापस करने की मांग की।
वहीं सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के सदस्यों ने बिहार के मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और 130वें संविधान संशोधन बिल का विरोध किया।
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, दोनों पक्षों के विधायक सदन के भीतर नारेबाजी करते हुए पहुंचे। स्पीकर ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने का आग्रह किया, लेकिन वे हंगामा जारी रखने लगे। पहला स्थगन सुबह 12:30 बजे तक किया गया।
दोपहर 12:34 बजे पुनः सभा शुरू होते ही भाजपा के राज सिन्हा और आलोक चौरसिया ने क्रमशः हंसा के एनकाउंटर और अस्पताल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर अलग-अलग स्थगन प्रस्ताव रखा, जो स्पीकर ने अस्वीकृत कर दिए।
भाजपा विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा और सदन के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। सत्तारूढ़ दलों के सदस्यों ने 130वें संविधान संशोधन बिल का विरोध करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जो जेल में 30 दिन से अधिक समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद धारण करने से रोकता है।
इसके बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने ‘झारखंड में एकीकृत वित्तीय प्रणाली’ और वर्ष 2023-24 के लिए ‘राज्य वित्त’ पर CAG रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की। 10 मिनट बाद सदन 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
दोपहर 2 बजे से पुनः शुरू हुई कार्यवाही में सहायक बजट पर बहस हुई। भाजपा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी ने हंसा की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री शिबु सोरेन से की, जिसे सत्तापक्ष ने अस्वीकार कर उनकी टिप्पणी हटाने की मांग की।
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को सिर्फ मामलों के आधार पर अपराधी घोषित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हंसा ने चार चुनाव लड़े, जिनमें 15 मामले में बरी हुए और बाकी में जमानत पर थे।
झामुमो विधायक हेमलाल मर्मू ने कहा कि हंसा पर कई हत्या के आरोप थे और भाजपा आदिवासी कार्ड खेल रही है।
यह हंगामा तब हुआ जब सदन कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायकों ने हंसा के मामले पर सरकार से जवाब मांगा और प्रदर्शन किया। सदन को तीसरी बार लगभग 2.36 बजे 3.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज
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