शिमला, 25 अगस्त (PTI) – हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों में भयंकर बारिश के कारण कई जगह व्यापक नुकसान हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और लगभग 795 सड़कें, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं, बंद हो गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बिजली आपूर्ति के 956 ट्रांसफॉर्मर और 517 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मंडी, कांगड़ा, चंबा, ऊना, बिलासपुर और कुल्लू जिलों में बारिश के मद्देनजर सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। कुल्लू जिले के मनाली और बंजार उप-मंडलों में भी स्कूल बंद हैं।
कांगड़ा जिले के इंदोरा, फतेहपुर, जसूर और नूरपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने बाढ़-प्रभावित इलाकों से सात लोगों को सुरक्षित निकाला है।
धरमशाला में भारी बारिश के कारण कई जगह नुकसान हुआ है। सतही सड़क गिरने से दसियों परिवारों का संपर्क कट गया है। यहां एक असुरक्षित तीन मंजिला इमारत भी गिर गई।
धरमशाला के आसपास के इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़क यातायात बाधित हुआ है। मैकलॉडगंज के लिए रोपवे भी बंद हैं।
मंडी जिले में लगातार हो रही बारिश से मिट्टी संतृप्त हो गई है, जिससे भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं बढ़ गईं हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कांगड़ा और चंबा जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
राज्य के हिस्सों में इस मानसून में अब तक 22 प्रतिशत बारिश ज्यादा हुई है। जून से अगस्त के बीच लगभग 156 लोग बारिश-संबंधित घटनाओं में मरे हैं जबकि 38 लोग लापता हैं। हिमाचल प्रदेश में अब तक 77 फ्लैश फ्लड, 41 क्लाउडबर्स्ट और 81 बड़े भूस्खलन की घटनाएं दर्ज हुई हैं।
राज्य को बारिश से लगभग 2394 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
प्रमुख प्रभावित सड़कें:
मंडी जिले में 289 सड़कें बंद
चंबा जिले में 214 सड़कें बंद
कुल्लू जिले में 132 सड़कें बंद
राष्ट्रीय राजमार्ग 3 (मंडी-धरमपुर रोड) और NH 305 (औट-सैंज रोड) भी बंद
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