दिल्ली कोर्ट ने पूर्व सरकारी अधिकारी विकास यादव के खिलाफ गैर-जमानती वारंट रद्द किया

नई दिल्ली, 28 अगस्त (PTI) – दिल्ली की एक अदालत ने कथित अपहरण और फिरौती के मामले में पूर्व सरकारी अधिकारी विकास यादव के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) रद्द कर दिया है। अदालत ने माना कि वकीलों की हड़ताल के चलते वे पेश नहीं हो सके थे। अदालत ने उनकी जमानत पर दी गई जमानत राशि भी बहाल कर दी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।

विकास यादव को फरवरी 2023 में एक दिल्ली निवासी व्यापारी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था, जिसमें उन पर फिरौती और अपहरण के आरोप लगे थे। मार्च 2024 में इस मामले में चार्जशीट दाखिल हुई और अप्रैल 2024 में उन्हें जमानत मिली थी.

यादव का नाम अमेरिकी अधिकारियों ने सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में ‘मास्टरमाइंड’ के रूप में लिया था। अमेरिकी न्याय विभाग ने उन्हें ‘मर्डर-फॉर-हायर’ और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में नामजद किया है. अमेरिकी आरोपों के मुताबिक, विकास यादव ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को मई 2023 में पन्नू की हत्या की योजना बनाने के लिए नियुक्त किया था। गुप्ता को प्रत्यर्पण के बाद अमेरिका ले जाया गया है, जबकि यादव कथित तौर पर भारत में हैं.

भारत सरकार ने अमेरिका के इन आरोपों को लेकर जांच समिति गठित की थी, जिसने यादव के अपराधी संपर्कों और पृष्ठभूमि की पड़ताल की. भारत सरकार ने साफ किया कि यादव अब सरकारी सेवा में नहीं हैं.

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