
लखनऊ, 28 अगस्त (PTI) — इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय न्यायिक समिति ने गुरुवार को नवंबर 2024 में संभल में हुई हिंसा पर अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी।
समिति के सदस्य — अरोड़ा, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार जैन और पूर्व आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद — ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर 24 नवंबर को संभल की शाही जामा मस्जिद के पास भड़की हिंसा की रिपोर्ट सौंपी, जिसमें चार लोगों की जान गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने बताया, “संभल घटना की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है।”
रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर प्रसाद ने कहा, “हम रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही ज्यादा जानकारी दे पाएंगे। आगे की कार्रवाई उसी आधार पर की जाएगी।”
यह विवाद पिछले साल 19 नवंबर को शुरू हुआ था, जब हिंदू याचिकाकर्ताओं — जिनमें अधिवक्ता हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन शामिल थे — ने संभल जिला अदालत में यह दावा करते हुए याचिका दायर की थी कि शाही जामा मस्जिद एक मंदिर पर बनाई गई है।
उसी दिन (19 नवंबर) अदालत के आदेश पर सर्वे कराया गया था, जिसके बाद 24 नवंबर को एक और सर्वे हुआ।
24 नवंबर के दूसरे सर्वे के बाद संभल में भारी अशांति फैल गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क और मस्जिद कमेटी के प्रमुख ज़फ़र अली के खिलाफ मामला दर्ज किया था, साथ ही 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी।
