जुलाई में मैन्युफैक्चरिंग से प्रेरित होकर इंडस्ट्रियल आउटपुट तेजी से 4 महीने के उच्च स्तर 3.5% पर पहुंचा

नई दिल्ली, 28 अगस्त (PTI) – भारत में जुलाई 2025 में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ग्रोथ 3.5% पर पहुंच गई, जो पिछले 4 महीनों में सबसे तेज है। इस वृद्धि का मुख्य कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन रहा, जहां 5.4% की वृद्धि दर्ज की गई।

राष्ट्रवादी सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जुलाई माह में 2024 के मुकाबले 5.4% की तेजी आई है जबकि जून में यह 3.7% थी। वहीं, खनन और बिजली उत्पादन में गिरावट देखी गई, खनन में 7.2% की कमी और बिजली उत्पादन में केवल 0.6% की मामूली वृद्धि हुई।

इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) में जुलाई 2025 के लिए यह वृद्धि अप्रैल-जुलाई FY26 के दौरान कुल 2.3% की वृद्धिदर की तुलना में बेहतर साबित हुई है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के 23 उद्योग समूहों में से 14 ने साल-दर-साल सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। इस माह के टॉप तीन योगदानकर्ताओं में बेसिक मेटल्स (12.7%), इलेक्ट्रिकल उपकरण (15.9%) और अन्य गैर-धात्विक खनिज उत्पाद (9.5%) शामिल हैं।

उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार, पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 5% बढ़ा, जबकि उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन केवल 0.5% की मामूली वृद्धि पर रहा। बुनियादी वस्तुओं का उत्पादन 1.7% गिरा जबकि बिचौलिया वस्तुओं का उत्पादन 5.8% बढ़ा। इन्फ्रास्ट्रक्चर / कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में भी 11.9% की अच्छी वृद्धि हुई।

अर्थशास्त्री आदिति नायर ने इस आंकड़े पर टिप्पणी करते हुए कहा कि निर्माण क्षेत्र की वृद्धि में तेजी आई है, जिसका श्रेय कंस्ट्रक्शन इनपुट और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को दिया जा सकता है। हालांकि, मानसून की अनियमितता के कारण अगस्त 2025 में वृद्धि 3% से कम रह सकती है।

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