‘हम नहीं करते निर्णय, अगर करते तो इतना समय नहीं लगता’: भाजपा के नए अध्यक्ष के चयन पर मोहन भागवत का बयान और आरएसएस की भूमिका

नई दिल्ली, 28 अगस्त (PTI) – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि यह धारणा पूरी तरह गलत है कि उनकी संगठन भाजपा के लिए “सब कुछ” तय करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुझाव तो आरएसएस देता है, लेकिन निर्णय भाजपा पार्टी करती है।

भागवत ने भाजपा के नए अध्यक्ष के चयन में आरएसएस की कोई भूमिका न होने की भी बात कही। विज्ञान भवन में अपनी तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के अंतिम दिन उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आरएसएस और भाजपा सरकारों के बीच कोई मतभेद नहीं है, चाहे वह केंद्र हो या राज्य।

उन्होंने कहा, “हम निर्णय नहीं करते। अगर हम निर्णय लेते तो क्या इतना समय लगता? हम निर्णय नहीं करते, हमें कुछ कहने की जरूरत भी नहीं है।” इस बात पर लोगों ने जोरदार तालियां बजाई।

भागवत ने कहा कि आरएसएस अपनी शाखाओं के संचालन में सक्षम है और भाजपा अपनी सरकारें चलाने में माहिर है। दोनों एक-दूसरे की विशेषज्ञता जानते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सुझाव दिए जा सकते हैं, लेकिन अंततः निर्णय पार्टी को ही लेना होता है क्योंकि यह उनका क्षेत्र है।

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