नई दिल्ली, 25 अगस्त (PTI) – दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने निर्माण और ध्वंस परियोजनाओं में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन होने पर हवा गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा लगाई गई बंदी के मामलों में पर्यावरणीय मुआवजे के निष्पक्ष आकलन के लिए एक मानकीकृत संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है।
यह कदम CAQM के हालिया निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसमें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निरीक्षण और प्रमाणिक साक्ष्यों के माध्यम से उल्लंघन के वास्तविक दिनों की पुष्टि करने तथा उचित मुआवजा लगाना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
29 जुलाई को CAQM ने यह भी निर्देश दिया कि परियोजना प्रायोजकों द्वारा प्रस्तुत दलीलें और दस्तावेज उचित रूप से विचार किए जाएं ताकि मुआवजे की गणना न्यायसंगत हो।
SOP के अनुसार, DPCC अधिकारी निरीक्षण रिपोर्ट, ईमेल या डाक द्वारा प्राप्त अनुपालन पत्राचार, परियोजना प्रायोजक द्वारा प्रमाणित भू-टैग किए गए और समय-चिन्हित फोटोग्राफ, और साइट प्रभारियों द्वारा सत्यापित लॉगबुक या चालान को मुआवजे के निर्धारण के लिए मान्य साक्ष्य मानेंगे।
परियोजना प्रायोजकों को नाटरीकृत आश्वासन भी साथ में जमा करने होंगे और DPCC अधिकारियों को ऐसे दस्तावेज प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर साइट निरीक्षण करके सत्यापन करना होगा।
इसके अलावा, DPCC ने ऐसा आईटी उपकरण विकसित करने की योजना बनाई है जो डिजिटल रूप में प्राप्त साक्ष्यों का फोरेंसिक ऑडिट कर अनियमितताओं का पता लगाएगा। यह कदम अनुपालन की निगरानी को और सशक्त करेगा।
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