नई दिल्ली, 30 अगस्त (PTI) – देश के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत शहरों में “दृश्यमान स्वच्छता” को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट्स (CTUs) के सतत् सुधार को तेज़ करने का निर्देश दिया है।
केंद्रीय आवास और शहरी मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक में कहा गया कि पुराने और उपेक्षित स्थानों, जिनमें लेगेसी कूड़ादान शामिल हैं, को निश्चित समय सीमा में सौंदर्यीकरण और स्वच्छता के तहत सुधारा जाना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि स्वच्छता और शहरी विकास दो अलग पहलू नहीं बल्कि एक सिक्के के दोनों पक्ष हैं, और CTUs शहरी कायाकल्प के लिए प्रेरक इंजन के रूप में काम करें।
स्वच्छता ही सेवा अभियान 2024 के दौरान 8 लाख से अधिक CTUs का सुधार हुआ है। समयबद्ध सफाई और निगरानी के लिए समीक्षा, नागरिक भागीदारी (स्वच्छता ऐप के जरिए) तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र, CSR और NGO के सहयोग से कार्य की गारंटी दी जाएगी।
मंत्रालय ने आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने के साथ-साथ कूड़ा निस्तारण, पानी के नालों की सफाई, गंदे क्षेत्रों का पुनर्निर्माण, शौचालयों का बेहतर प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक उपायों पर विशेष जोर दिया है।
स्वच्छता ऐप पर 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता समस्याओं की रिपोर्ट करते हैं, जिन्हें निर्धारित समय में हल किया जाता है, इससे नागरिकों की भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
राज्य सरकारों को लेगेसी कूड़ादान स्थल सुधारने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व सीबीजी संयंत्रों के स्थापन में तेजी लाने की भी सलाह दी गई है।
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