श्रीनगर/शिमला, 1 सितंबर (PTI) – भारी बारिश के कारण उत्तरी राज्यों में भारी तबाही हुई है। जम्मू और कश्मीर ने अपने 125 वर्षों में छठा सबसे भरा हुआ अगस्त दर्ज किया है, जिसमें इस बार 73 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश ने 76 वर्षों में अगस्त का सबसे अधिक बारिश वाला महीना देखा है।
भारत मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में अगस्त में 399.8 मिमी बारिश हुई, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक है। हिमाचल प्रदेश में 431.3 मिमी बारिश हुई, जो 1949 के बाद सबसे अधिक है। हिमाचल प्रदेश में यह अगस्त की बारिश सामान्य 256.8 मिमी के मुकाबले 68 प्रतिशत अधिक है।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में कुल्लू, शिमला, ऊना और सोलन जिले में 100 प्रतिशत से अधिक बारिश हुई है, जबकि चंबा, बिलासपुर और किन्नौर जिले में भी 85 से 93 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई। जून 20 से अब तक राज्य में बारिश और सड़क दुर्घटनाओं में 326 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 41 लोग लापता हैं।
जम्मू-कश्मीर में भी अगस्त में 319.3 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 184.9 मिमी से 73 प्रतिशत अधिक है। डोडा जिले में 290 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है, जो 488.2 मिमी रही, जबकि अन्य जिलों जैसे उधमपुर, रामबन, सांबा, रीसी, जम्मू, कठुआ, राजौरी, किश्तवार और पूंछ में भी बारिश बढ़ी है।
26-27 अगस्त की भारी बारिश की वजह से जम्मू के मैदानों में फ्लैश फ्लड्स आए, जिसमें भारी नुकसान हुआ और 34 तीर्थयात्रियों सहित कई लोग मारे गए।
कश्मीर घाटी में बारिश मिली-जुली रही, कुछ जिलों में अधिक और कुछ में कम बारिश हुई। लद्दाख क्षेत्र में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है, करगिल में 1530 प्रतिशत और लेह में 877 प्रतिशत बारिश का इजाफा हुआ।
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