नई दिल्ली, 2 सितंबर (PTI) – सोमवार को वज़ीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से ज़्यादा पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना नदी ने इस साल पहली बार निकासी का स्तर पार कर लिया। इसका जलस्तर 206.03 मीटर (शाम 4 बजे) पर दर्ज हुआ, जिससे कई निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे.
पुराना रेलवे पुल (Old Railway Bridge) को जलस्तर बढ़ने के कारण यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। खतरे का निशान 205.33 मीटर, चेतावनी स्तर 204.5 मीटर और निकासी स्तर 206 मीटर है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सभी निचले इलाकों से लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, साथ ही अस्थायी शरण, भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है।
हथिनीकुंड बैराज से 1.53 लाख क्यूसेक, वज़ीराबाद बैराज से 78,700 क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा गया, जिससे विशेषज्ञों के अनुसार शाम तक यमुना का स्तर और बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि बाढ़ मुख्य सड़कों तक नहीं पहुंचेगी। सरकार ने 2023 की बाढ़ से सबक लेकर इस बार नालों की सफाई, पंप हाउस का निरीक्षण और मोबाइल पंप की तैनाती पहले ही पूरी कर ली है।
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