नई दिल्ली, 2 सितंबर (PTI) – केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नागपुर के ऑर्डनेंस फैक्ट्री अंबाझरी (OFAJ) के तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर दीपक लांबा के खिलाफ 2022 में टेंडर आवंटन में कथित तौर पर अपने चचेरे भाई के स्वामित्व वाली निजी कंपनी को अनुचित लाभ देने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
CBI ने इस प्रकरण में नागपुर स्थित ऑटोमेशन इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल सर्विसेज और इसके मालिक मोहित थोलिया को भी आरोपी बनाया है। एजेंसी ने आरोपियों के आवासीय स्थानों पर छापेमारी कर कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।
एफआईआर के अनुसार, लांबा ने अपने कार्यकाल के दौरान एक प्रोपराइटरशिप फर्म स्थापित की थी जिसमें उनके चचेरे भाई को मालिक दिखाया गया था। चार महीने के भीतर यह कंपनी 1.71 करोड़ रुपये मूल्य के फोर्ज्ड स्टील कंमपोनेंट्स के मशीनिंग टेंडर में सफल रही। उस समय लांबा ने संबंधित टेंडर की तकनीकी विशिष्टताओं को भी तैयार किया था।
फाइल की एक शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ऑटोमेशन इंजीनियरिंग ने टेंडर पाने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। लांबा पर निजी फर्म के साथ बैंकिंग ट्रांजेक्शन करने और परिवार के खातों के माध्यम से वित्तीय लेनदेन करने का आरोप भी है।
शिकायत में कहा गया है कि टेंडर आवंटन और सरकारी धन के दुरुपयोग में लांबा सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। आरोप पत्र में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी किसी मामले में परिवार के सदस्य के हित में नहीं रह सकते, लेकिन इस नियम का उल्लंघन किया गया।
टेंडर खत्म होने और भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद लांबा को एक्सट्रूज़न और फाउंड्री विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उन्होंने कथित तौर पर दबाव और धमकी देकर संबंधित कर्मियों से सहयोग कराया।
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