
नई टिहरी (उत्तराखंड), 3 सितंबर (पीटीआई) — यहां की एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को एक व्यक्ति को महिला की आपत्तिजनक तस्वीर सोशल मीडिया पर डालने और उसके साथ मारपीट करने के मामले में 19 महीने की सश्रम कैद की सजा सुनाई है। यह जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने दी।
जिला सरकारी अधिवक्ता स्वराज्य सिंह पंवार ने बताया कि एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश और टिहरी के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित कुमार सिरोही ने दीपक सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 506 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने दीपक सिंह पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक और महीने की कैद भुगतनी होगी।
हालांकि, अदालत ने उसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आरोपों से बरी कर दिया।
पंवार के अनुसार, 29 जनवरी 2020 को नरेंद्रनगर थाने में दीपक सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।
महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि 2018 में अपने पति की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद उसकी मुलाकात दीपक से हुई थी।
दीपक उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले के मंसूरपुर का निवासी है और नवंबर 2019 में Shaadi.com के जरिए उसकी मुलाकात महिला से हुई थी।
महिला ने कहा कि दीपक अच्छा इंसान लगता था, इसलिए उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं, लेकिन उसे पता नहीं था कि इस दौरान दीपक उसकी निजी तस्वीरें चुपके से ले रहा था।
जल्द ही दीपक बात-बात पर झगड़ा करने और मारपीट करने लगा।
जब महिला ने उससे शादी करने से इनकार किया, तो वह गुस्से में आ गया, उसका मोबाइल छीन लिया और एक आपत्तिजनक तस्वीर को अपने व्हाट्सएप की डिस्प्ले पिक्चर बना दिया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि दीपक ने उसकी मां के नाम से एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया और उस पर महिला, उसकी बहन और मां की तस्वीरें आपत्तिजनक कैप्शन के साथ पोस्ट कीं।
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