
कोट्टायम (केरल), 9 सितंबर (पीटीआई) — केरल के शाही अतीत की एक परंपरा आज भी राज्य के लोकतांत्रिक वर्तमान में जीवित है।
उत्राडम (ओणम की पूर्व संध्या) पर, राज्य मंत्री वी. एन. वसावन यहां वायस्करा राज भवन महल पहुंचे और “उत्राडक्किझी” — 1001 रुपये वाला एक पारंपरिक थैला — सौंपा।
यह भेंट पहले कोचीन के राजा ओणम फसल उत्सव के अवसर पर शाही परिवार की महिलाओं को दिया करते थे।
आज, राजशाही समाप्त हो जाने के बाद भी, राज्य सरकार इस परंपरा को जारी रखे हुए है और राशि का प्रबंध जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है।
इस वर्ष यह ‘किझी’ वायस्करा पैलेस के राजा राज वर्मा की पत्नी एन. के. सौम्यवती थम्पुराट्टी को भेंट की गई। वे कोचीन शाही वंश की वंशज हैं, यह जानकारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई।
इस समारोह में विधायक थिरुवंचूर राधाकृष्णन, जिला कलेक्टर चेतन कुमार मीना और स्थानीय राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
ओणम पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा, जो वर्तमान के उत्सवों को अतीत की परंपराओं से जोड़ता है।
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