नई दिल्ली, 8 सितंबर (पीटीआई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संगीत सम्राट भूपेन हज़ारिका की 99वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे भारत की सबसे असाधारण आवाज़ों में से एक थे।
मोदी ने कहा कि यह वर्ष उनके जन्म शताब्दी समारोह की शुरुआत का प्रतीक है और यह अवसर हमें उनकी भारतीय कलात्मक अभिव्यक्ति और जनचेतना में किए गए विशाल योगदान को याद करने का मौका देता है।
उन्होंने लिखा, “भूपेन दा ने हमें सिर्फ संगीत ही नहीं दिया। उनकी रचनाएँ इंसानियत, सामाजिक न्याय, एकता और अपनत्व की गूंज थीं। उनकी आवाज़ पीढ़ियों तक दिलों की धड़कन बनी रही।”
मोदी ने याद दिलाया कि अमेरिका में रहते हुए भूपेन हज़ारिका ने प्रसिद्ध कलाकार और सिविल राइट्स लीडर पॉल रॉबसन से मुलाकात की थी, जिनके गीत “ओल्ड मैन रिवर” से प्रेरित होकर उन्होंने ‘बिस्तीर्ण परोरे’ की रचना की।
उन्होंने कहा कि भूपेन दा का संगीत सीमाओं को पार करता हुआ मानवता का संदेश देता रहा। रेडियो, थिएटर, फिल्म, डॉक्यूमेंट्री – हर मंच पर उन्होंने समाज के मुद्दों को अपनी कला से आवाज़ दी।
मोदी ने कहा कि “भूपेन दा ने असम की संस्कृति और अस्मिता को पूरे भारत और दुनिया में पहचान दिलाई। उनका जीवन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का सजीव उदाहरण है।”
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

