कतर की संप्रभुता के उल्लंघन की पीएम मोदी ने निंदा की, हमास नेताओं को निशाना बनाते हुए इजरायल के दोहा हमले के बाद

नई दिल्ली, 11 सितम्बर (पीटीआई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कतर की संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की। यह बयान इजरायल द्वारा दोहा में हमास नेताओं को निशाना बनाते हुए किए गए हवाई हमलों के बाद आया, जिसने क्षेत्र में पहले से ही नाजुक हालात को और बिगड़ने का डर पैदा कर दिया।

प्रधानमंत्री का यह असाधारण बयान इजरायल की ओर निर्देशित था, जब उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से बातचीत की और दोहा पर हमलों को लेकर भारत की “गहरी चिंता” व्यक्त की।

मंगलवार को इजरायल ने सीरिया, ईरान और लेबनान पर हमलों की श्रृंखला के बाद क़तरी राजधानी दोहा पर हवाई हमले किए। इस हमले से वैश्विक स्तर पर आक्रोश फैल गया।

मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से बात की और दोहा पर हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई। भारत भाईचारे वाले कतर की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा करता है। हम मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति से चाहते हैं तथा तनाव को और बढ़ाने से बचने की बात करते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत “दृढ़ता से शांति और स्थिरता” का समर्थन करता है और हर तरह के आतंकवाद का विरोध करता है।

हमले के बाद हमास ने कहा कि उसके पांच सदस्य इजरायली हवाई हमले में मारे गए, लेकिन इजरायल का अपने नेताओं की हत्या का प्रयास “नकामी” रहा।

हमास ने बताया कि उसकी वार्ताकार टीम अमेरिकी प्रस्ताव पर चर्चा कर रही थी, जो गाज़ा पट्टी में युद्धविराम और सभी बंधकों की रिहाई से संबंधित था, तभी हमला हुआ।

मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब हाल ही में भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर ईरान पर इजरायल और अमेरिका के सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की थी।

भारतीय पक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कतर की शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की, जिसमें गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए मध्यस्थता के प्रयास शामिल हैं।

भारतीय बयान में कहा गया, “शेख तमीम ने कतर की जनता और राज्य के साथ एकजुटता जताने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।”

चीनी शहर तिआनजिन में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन में गाज़ा पट्टी की मानवीय स्थिति और नागरिकों की मौत की भी कड़ी आलोचना की गई।

प्रधानमंत्री मोदी उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया।

एससीओ की घोषणा में कहा गया, “सदस्य देश गहरी चिंता जताते हैं और फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष के बढ़ते तनाव की निंदा करते हैं। नागरिक आबादी की मौत और मानवीय संकट की स्थिति बेहद गंभीर है। एकमात्र समाधान फिलिस्तीन मुद्दे का व्यापक और न्यायसंगत निपटारा है।”

एससीओ ने यह भी कहा कि सदस्य देश “जून में ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। नागरिक लक्ष्यों, जिसमें परमाणु ऊर्जा अवसंरचना भी शामिल है, पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी बेहद अहम मानी जा रही है। उन्होंने इससे पहले 2023 में इजरायल-हमास संघर्ष में नागरिकों की मौत की निंदा की थी।

भारत लगातार तनाव कम करने, वार्ता शुरू करने और दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में शांति बहाल करने की वकालत करता रहा है।

भारत और कतर के बीच मजबूत आर्थिक संबंध हैं। 8.3 लाख से अधिक भारतीय कतर में रहते हैं और कतर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता है।

मोदी और शेख तमीम ने भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति पर संतोष जताया और आपसी हितों के सभी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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