प्रधानमंत्री 15 सितम्बर को कोलकाता में सशस्त्र बलों के तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image released on Sept. 13, 2025, Prime Minister Narendra Modi being greeted by supporters as his convoy passes by, in Guwahati, Assam. (PMO via PTI Photo) (PTI09_13_2025_000387B)

कोलकाता, 14 सितम्बर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितम्बर को यहां पूर्वी कमान मुख्यालय में सशस्त्र बलों के तीन दिवसीय संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

सुधारों, परिवर्तन और परिचालन तैयारी पर ध्यान केंद्रित करते हुए, इस वर्ष के सम्मेलन का विषय है – ‘सुधारों का वर्ष – भविष्य के लिए परिवर्तन’

एक अधिकारी ने कहा, “सम्मेलन का फोकस सशस्त्र बलों की संस्थागत सुधारों, गहरी एकीकरण और तकनीकी आधुनिकीकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही बहु-क्षेत्रीय परिचालन तत्परता के उच्च स्तर को बनाए रखते हुए।”

मोदी रविवार शाम असम के जोरहाट से कोलकाता पहुंचेंगे और यहां राजभवन में रात बिताएंगे।

पिछले एक महीने से भी कम समय में दूसरी बार कोलकाता आ रहे प्रधानमंत्री सोमवार सुबह भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय विजय दुर्ग (पूर्ववर्ती फोर्ट विलियम) में सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। वे सोमवार दोपहर पुर्णिया (बिहार) के लिए रवाना होंगे।

यह सम्मेलन मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद हो रहा है। यह अभियान पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।

ऑपरेशन सिंदूर को एलओसी और पाकिस्तान के अंदर गहरे आतंक ढांचे को ध्वस्त करने के लिए दंडात्मक और लक्षित अभियान के रूप में तैयार किया गया था। इसमें त्रि-सेवा प्रतिक्रिया का सटीक, पेशेवर और उद्देश्यपूर्ण प्रदर्शन हुआ।

कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित अन्य लोग शामिल होंगे।

संयुक्त कमांडरों का सम्मेलन (सीसीसी) सशस्त्र बलों के लिए एक मंथन मंच है, जहां शीर्ष नागरिक और सैन्य नेता वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर विचारों का आदान-प्रदान करते हैं।

पिछली बार यह सम्मेलन 2023 में भोपाल में आयोजित हुआ था जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री ने ही किया था।

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, 15 सितम्बर से शुरू हो रही तीन दिवसीय विचार-विमर्श प्रक्रिया का उद्देश्य सशस्त्र बलों को और अधिक सशक्त बनाना है, ताकि वे “जटिल भू-रणनीतिक परिदृश्य में फुर्तीले और निर्णायक” बन सकें।

बयान में कहा गया कि सम्मेलन में समावेशी सहभागिता की परंपरा को जारी रखते हुए विभिन्न रैंकों के अधिकारियों और सैनिकों के साथ इंटरैक्टिव सत्र होंगे, जिससे मैदानी स्तर के दृष्टिकोण उच्च स्तर की चर्चाओं को समृद्ध करेंगे।

मोदी ने अपनी पिछली कोलकाता यात्रा (22 अगस्त) के दौरान पश्चिम बंगाल में 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया था।

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