
ह्यूस्टन, 15 सितम्बर (पीटीआई) – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डलास में भारतीय मूल के एक मोटल प्रबंधक की बेरहमी से हत्या के बाद अपने पूर्ववर्ती जो बाइडेन की बनाई आव्रजन नीति की आलोचना की है। यह हत्या कथित तौर पर एक अवैध रूप से ठहरे क्यूबाई प्रवासी ने की थी, जिसका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड था।
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर पोस्ट करते हुए हमलावर को “गैरकानूनी विदेशी” बताया, जिसे निर्वासित कर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने इसके लिए बाइडेन की उदार नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा, “इन गैरकानूनी प्रवासी अपराधियों के प्रति नरमी अब खत्म है।”
50 वर्षीय चंद्र मौली “बॉब” नागमल्लैया, जो मूल रूप से कर्नाटक से थे, पर 10 सितम्बर को डाउनटाउन सूट्स मोटल में माचेती से हमला किया गया, जहां वे रहते और काम करते थे।
यह हमला उनकी पत्नी और 18 वर्षीय बेटे के सामने हुआ, जिससे भारतीय-अमेरिकी समुदाय स्तब्ध है।
आरोपी योरदानिस कोबोस-मार्टिनेज (37) पर कैपिटल मर्डर का आरोप लगाया गया है।
अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने पुष्टि की कि उसे पहले हिरासत में लिया गया था लेकिन जनवरी 2025 में क्यूबा द्वारा निर्वासन स्वीकार न करने के कारण रिहा कर दिया गया।
नागमल्लैया का अंतिम संस्कार 13 सितम्बर को फ्लावर माउंड, टेक्सास में परिवार और करीबी मित्रों की उपस्थिति में हुआ।
उनके परिवार की मदद के लिए आयोजित फंडरेज़र से अब तक 3,21,326 अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि जुटाई जा चुकी है।
इस हत्या ने अमेरिका में आव्रजन प्रवर्तन और उन चुनौतियों पर फिर से बहस छेड़ दी है, जिनका सामना अधिकारी तब करते हैं जब देश निर्वासितों को वापस लेने से इनकार कर देते हैं।
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