अक्टूबर में सशस्त्र बलों के ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमता की होगी जांच

**EDS: TO GO WITH STORY** Border Security Force (BSF) personnel undertake training in drone warfare post Operation Sindoor. (PTI Photo)(PTI09_21_2025_000150B)

नई दिल्ली, 23 सितंबर (पीटीआई) सशस्त्र बल अक्टूबर के पहले सप्ताह में मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ़ (HQ IDS) द्वारा आयोजित एक अभ्यास के दौरान अपने कुछ ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम की क्षमताओं का परीक्षण करेंगे, एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया।

यह अभ्यास 6 से 10 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश में आयोजित किया जाएगा, सूत्रों ने कहा।

दिल्ली में आयोजित वायु रक्षा प्रणाली पर एक सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान, एकीकृत रक्षा स्टाफ (ऑप्स) के उप प्रमुख एयर मार्शल राकेश सिन्हा ने ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबकों और सैन्य सोच व योजना में प्रतिद्वंद्वी से “एक कदम आगे” रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

सम्मेलन का विषय था ‘काउंटर यूएवीज़ एंड एयर डिफेंस सिस्टम्स: द फ्यूचर ऑफ़ मॉडर्न वारफेयर’ और इसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, रक्षा उद्योग की विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों और क्षेत्र विशेषज्ञों ने भाग लिया।

HQ IDS के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस अभ्यास का नाम ‘कोल्ड स्टार्ट’ रखा गया है।

बाद में पीटीआई से बातचीत में एयर मार्शल सिन्हा ने कहा कि यह अभ्यास केंद्रीय क्षेत्र में होगा और इसमें तीनों सेनाओं की भागीदारी होगी। इसके अलावा उद्योग भागीदारों, अनुसंधान और विकास भागीदारों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य की भी भागीदारी होगी।

उन्होंने कहा, “हम इस अभ्यास के दौरान अपने कुछ ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम का परीक्षण करेंगे… जिसका उद्देश्य एक अधिक मजबूत वायु रक्षा प्रणाली और काउंटर-यूएएस तैयार करना है।”

(काउंटर-यूएएस का अर्थ है काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स।)

यह अभ्यास ‘रण संवाद’ के एक महीने बाद हो रहा है, जो युद्ध, युद्धकला और युद्ध संचालन पर आयोजित सेना का पहला त्रि-सेवा सेमिनार था। यह 27 अगस्त को मध्य प्रदेश के महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित हुआ था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उस सैन्य संगोष्ठी में अपने मुख्य भाषण में मौजूदा तकनीकों में निपुण रहते हुए नई नवाचारों और अप्रत्याशित चुनौतियों के लिए तैयार रहने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

उन्होंने कहा था कि तकनीक और आश्चर्य का मेल ही आधुनिक युद्ध की जटिलता और अप्रत्याशितता बढ़ने का मुख्य कारण है।

सिंह ने कहा था, “भविष्य के युद्ध केवल हथियारों की लड़ाई नहीं होंगे; वे तकनीक, खुफिया, अर्थव्यवस्था और कूटनीति का संयुक्त खेल होंगे। जो राष्ट्र तकनीक, रणनीति और अनुकूलनशीलता के त्रिकोण में माहिर होगा, वही सच्चा वैश्विक शक्ति बनकर उभरेगा। यह इतिहास से सीखने और नया इतिहास रचने का क्षण है। यह भविष्य को भांपने और उसे आकार देने का क्षण है।”

पीटीआई केएनडी एसकेवाई एसकेवाई

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