
ब्रसेल्स, 23 सितंबर (एपी) नाटो (NATO) ने मंगलवार को रूस को चेतावनी दी कि वह अपनी वायुसीमा में आगे किसी भी तरह की घुसपैठ पर रोक लगाने और रक्षा करने के लिए सभी साधनों का इस्तेमाल करेगा। यह चेतावनी इस महीने की शुरुआत में पोलैंड में रूसी ड्रोन गिराए जाने और पिछले सप्ताह एस्टोनिया द्वारा रूसी लड़ाकू विमानों की घुसपैठ की रिपोर्ट के बाद आई है।
10 सितंबर को पोलैंड की घटना यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद नाटो और मॉस्को के बीच पहली सीधी टक्कर थी। इसने पूरे यूरोप में नेताओं को हिला दिया और यह सवाल खड़ा किया कि बढ़ती रूसी आक्रामकता के खिलाफ गठबंधन कितना तैयार है।
एस्टोनिया ने कहा कि शुक्रवार को तीन रूसी लड़ाकू विमान उसकी वायुसीमा में 12 मिनट तक बिना अनुमति के घुसे। रूस ने इस आरोप को खारिज किया है।
नाटो ने बयान में कहा, “रूस को इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए: नाटो और उसके सहयोगी अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप सभी सैन्य और गैर-सैन्य साधनों का इस्तेमाल करके अपनी रक्षा करेंगे और हर दिशा से आने वाले खतरों को रोकेंगे।”
32-सदस्यीय गठबंधन ने कहा, “हम अपने चुने हुए तरीके, समय और क्षेत्र में जवाब देना जारी रखेंगे।” नाटो ने अपनी संधि के अनुच्छेद 5 पर भी जोर दिया, जिसके अनुसार किसी एक सहयोगी पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा।
हालाँकि, गठबंधन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह कौन से कदम उठा सकता है।
यह बयान एस्टोनिया द्वारा अनुच्छेद 4 के तहत औपचारिक परामर्श की मांग के बाद आया, जिसमें कहा गया है कि यदि किसी सदस्य देश को अपनी क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या सुरक्षा पर खतरा महसूस हो, तो बैठक आवश्यक है।
सोमवार को पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि पोलैंड “बिना किसी चर्चा” के उड़ने वाली वस्तुओं को मार गिराएगा, यदि वे उसकी सीमा का उल्लंघन करती हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि अन्य सहयोगी इस दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं या नहीं।
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