भारत ‘अधिकतर हमारे साथ,’ ज़ेलेंस्की का बयान, ट्रंप की मदद से रूसी ऊर्जा पर रुख बदलने की उम्मीद

Ukraine's President Volodymyr Zelenskyy attends a United Nations Security Council ministerial meeting on Ukraine at the U.N. headquarters, Tuesday, 23, 2025. AP/PTI(AP09_24_2025_000020B)

वॉशिंगटन, 24 सितम्बर (पीटीआई): यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूस के साथ चल रहे संघर्ष में भारत “ज्यादातर हमारे साथ” है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका से नई दिल्ली रूसी ऊर्जा क्षेत्र को लेकर अपना रुख बदल सकती है।

फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ज़ेलेंस्की से चीन और भारत की भूमिका पर सवाल पूछा गया, खासकर रूस से तेल खरीदने को लेकर। अमेरिका बार-बार इन दोनों देशों को रूसी ऊर्जा खरीदने के लिए जिम्मेदार ठहराता रहा है, यह कहते हुए कि इससे अप्रत्यक्ष रूप से मास्को के युद्ध को फंडिंग मिलती है।

ज़ेलेंस्की ने कहा, “मुझे लगता है भारत ज्यादातर हमारे साथ है। हां, ऊर्जा को लेकर कुछ सवाल हैं, लेकिन मुझे लगता है राष्ट्रपति ट्रंप यूरोपियों के साथ मिलकर इसे संभाल सकते हैं, और भारत के साथ और मजबूत रिश्ते बना सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हमें हरसंभव कोशिश करनी होगी कि भारत हमारे साथ बना रहे और वे रूसी ऊर्जा क्षेत्र को लेकर अपना रवैया बदलेंगे।”

चीन पर बोलते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा, “मुझे यकीन है कि चीन के साथ यह ज्यादा कठिन है, क्योंकि यह उनके हित में नहीं है कि वे रूस का समर्थन न करें।” उन्होंने ईरान का भी जिक्र करते हुए कहा, “ईरान कभी हमारे साथ नहीं होगा, क्योंकि हम कभी अमेरिका के साथ नहीं होंगे।”

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस अब “पूरी तरह से चीन पर निर्भर” है और यदि बीजिंग चाहे तो मास्को को आक्रमण समाप्त करने के लिए मजबूर कर सकता है। उन्होंने कहा, “चीन के बिना, पुतिन का रूस कुछ नहीं है। लेकिन अक्सर चीन शांति की दिशा में सक्रिय होने के बजाय चुप और दूर रहता है।”

इस बीच भारत ने लगातार यह कहा है कि उसकी ऊर्जा खरीदारी राष्ट्रीय हित और बाज़ार की वास्तविकताओं से तय होती है। फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के चलते भारत ने रियायती रूसी तेल की खरीद बढ़ाई, यह तर्क देते हुए कि उसकी अर्थव्यवस्था के लिए सस्ती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना ज़रूरी है।