
नई दिल्ली, 24 सितम्बर (पीटीआई): कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि उसने “वोट चोरी” के मामले में कार्रवाई सिर्फ तब की जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ग़यानेश कुमार से पूछा कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में कथित मतदाता विलोपन (voter deletions) से जुड़े सबूत सीआईडी को कब सौंपे जाएंगे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने वोट जोड़ने या हटाने के लिए अब आधार-आधारित सत्यापन वाला नया ‘ई-साइन’ फीचर लागू किया है।
गांधी ने एक्स पर लिखा, “ग़यानेश जी, हमने चोरी पकड़ी तभी आपको ताला लगाने की याद आई — अब हम चोरों को भी पकड़ेंगे। तो बताइए, सबूत सीआईडी को कब देने वाले हैं?”
इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि आलंद विधानसभा क्षेत्र में सॉफ़्टवेयर के ज़रिए कई वोटों को रद्द करने की कोशिश की गई। उनके दावे के बाद कर्नाटक सीआईडी ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की, जिसे गांधी ने “वोट चोरी” कहा।
हाल ही की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांधी ने कहा था कि सीआईडी ने मतदाता सूचियों से वोटों को धोखाधड़ी से हटाने के प्रयासों का पता लगाया और उन्हें रोका। उन्होंने यह भी मांग की कि सीईसी संबंधित लोगों का विवरण साझा करें ताकि जांच एजेंसी दोषियों की पहचान कर सके।
हालाँकि, चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि नया सत्यापन सिस्टम आलंद विवाद के बाद नहीं लाया गया है, जैसा कि गांधी दावा कर रहे हैं।
