केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने किसानों से कहा, पीएमएफएमई और पीएमडीडीकेवाई का लाभ उठाकर खेती को लाभकारी बनाएं

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Oct. 14, 2025, Finance Minister Nirmala Sitharaman, Union Information and Broadcasting Minister Ashwini Vaishnaw, Andhra Pradesh Chief Minister N. Chandrababu Naidu, Google Cloud CEO Thomas Kurian and others during an event where the state government signed an MoU with Google for the Google AI Hub, in Visakhapatnam. (@ncbn/X via PTI Photo)(PTI10_14_2025_000224B) *** Local Caption ***

कोप्पल (कर्नाटक), 15 अक्टूबर (PTI) – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को किसानों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिकीकरण योजना (PMFME) और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) का पूरा लाभ उठाकर कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदलें।

सीतारमण ने कोप्पल जिले में किसानों के प्रशिक्षण और सामान्य सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया और कहा कि नई पीढ़ी के GST सुधार भी कृषि समुदाय के लिए लाभकारी होंगे। यह सुविधा उनके सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (MPLAD) फंड का उपयोग करके स्थापित की गई है।

PMFME योजना के तहत कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है और व्यवसायों को उन्नत बनाने में मदद मिलती है।

PMDDKY योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना और 100 पिछड़े कृषि जिलों में किसानों की आजीविका सुधारना है। 2025-26 में इस योजना के लिए 24,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

सीतारमण ने बताया कि सरकार ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर गांवों में रोजगार सृजन का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र ने राज्यों को 3,700 करोड़ रुपये से अधिक का समर्थन दिया है, किसानों को ऋण उपलब्ध कराए गए हैं और 11,000 करोड़ रुपये की राशि किसानों के लिए स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत अब तक एक लाख से अधिक कृषि उद्यमी उभर चुके हैं।

कर्नाटक में PM किसान सम्मान निधि योजना के तहत 43 लाख किसान लाभान्वित होते हैं, जिन्हें प्रतिवर्ष 6,000 रुपये तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में मिलते हैं।

सीतारमण ने नई पीढ़ी के GST सुधारों के तहत कृषि उपकरण, ट्रैक्टर, सोलर पावर और कृषि मशीनरी पर कर में कटौती या 5% कर लागू किए जाने की जानकारी दी। जैविक कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक और जैव-उर्वरकों पर भी कर कम किया गया है।

इस केंद्र में 840 टन आम और 600 टन पपीता प्रसंस्कृत और संग्रहित किए जाएंगे। उत्पाद FSSAI प्रमाणित होंगे। NABARD प्रशिक्षण प्रदान कर किसानों को इस सुविधा का पूर्ण लाभ सुनिश्चित करेगा।

सीतारमण ने कहा कि यह कदम ‘अन्नदाता’ किसानों के जीवन में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन को दर्शाता है। उन्होंने कर्नाटक सरकार का सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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