असम में प्रतिबंधित ULFA(I) के हमले में तीन सेना के जवान मामूली रूप से घायल

तिनसुकिया/ डिब्रूगढ़/गुवाहाटी, 17 अक्टूबर (पीटीआई) – अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार तड़के असम के तिनसुकिया जिले के काकोपाथर इलाके में प्रतिबंधित ULFA(I) के सदस्यों द्वारा सुरक्षा बल के कैंप पर गोलीबारी करने से सेना के तीन जवान मामूली रूप से घायल हो गए।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि ULFA(I) और अन्य समूह, जो “म्यांमार से नियंत्रित” होते हैं, इस तरह के हमले करने के लिए “समन्वित प्रयास” कर रहे हैं।

सेना कैंप पर हमला और जवाबी कार्रवाई

  1. हमले का समय और तरीका: एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया, “रात करीब 12:30 बजे, अज्ञात आतंकवादियों ने एक चलती गाड़ी से काकोपाथर कंपनी के स्थान पर गोलीबारी की। ड्यूटी पर तैनात जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और आस-पास के नागरिक घरों को नुकसान से बचाने के लिए सावधानी बरती।”
  2. आतंकवादियों का पलायन: प्रवक्ता ने बताया कि सेना के जवानों की जवाबी कार्रवाई के कारण आतंकवादी “स्वचालित हथियारों का उपयोग करते हुए अंदाजा लगाते हुए फायरिंग” करने के बाद मौके से भाग गए।
  3. चोटें और स्थिति: मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा, “सेना के कैंप पर हमला हुआ था। मामूली चोटें आई थीं, और घायल जवान इलाज के बाद वापस ड्यूटी पर हैं।” रक्षा प्रवक्ता ने भी पुष्टि की कि “तीन कर्मियों को मामूली खरोंचों के अलावा कोई बड़ी चोट नहीं लगी।” इलाके को सुरक्षित कर लिया गया है, और पुलिस के समन्वय में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

म्यांमार से नियंत्रित समूहों के समन्वित हमले का संदेह

  1. मुख्यमंत्री का दावा: सरमा ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में नागालैंड के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह के हमले किए गए थे।
  2. उन्होंने कहा, “हमें संदेह है कि ULFA(I) और म्यांमार से नियंत्रित अन्य समूह हाल ही में समन्वित प्रयास कर रहे हैं। हमारी सरकार, साथ ही केंद्र सरकार, इस पर कड़ी नजर रख रही है।”
  3. हमले का स्थान: यह हमला असम और अरुणाचल प्रदेश की अंतर-राज्यीय सीमा के करीब किया गया था।
  4. वाहन बरामद: एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हमला एक ट्रक से किया गया था, जिसका पंजीकरण संख्या AS 25 EC 2359 था, और यह ट्रक अरुणाचल प्रदेश में नव दिहिंग नदी के किनारे थापाबारी-तेंगापानी इलाके में लावारिस पाया गया।

ULFA(I) का ‘ऑपरेशन प्रतिशोध’ का दावा

  1. संगठन का बयान: प्रतिबंधित ULFA(I) ने एक बयान में दावा किया कि यह हमला विद्रोही संगठन की ‘सैन्य शाखा’ द्वारा किया गया था।
  2. स्पष्ट संदेश: संगठन ने कहा कि ‘ऑपरेशन प्रतिशोध’ (‘operation vengeance’) भारतीय सशस्त्र बलों के लिए उसका स्पष्ट संदेश है कि “नवीनतम तकनीक का उपयोग करके बल की कोई भी मात्रा संगठन को अपने लक्ष्य का पीछा करने से विचलित नहीं कर सकती।”

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर प्रतिबंधित ULFA(I) से हिंसा का रास्ता छोड़ने और अपनी मांगों के समाधान के लिए बातचीत के लिए आगे आने की अपील दोहराई है।

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