‘बच के रहना रे बाबा’: कांग्रेस का दावा — ट्रंप से मुलाकात से बचने के लिए पीएम मोदी नहीं जा रहे आसियान सम्मेलन में

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (पीटीआई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया में होने वाले आसियान (ASEAN) सम्मेलन में शामिल न होने की संभावना के बीच कांग्रेस ने गुरुवार को तंज कसा कि पीएम का यह फैसला इसलिए है क्योंकि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने घिरने से बचना चाहते हैं।

कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि “सोशल मीडिया पर ट्रंप की तारीफ में पोस्ट करना एक बात है, लेकिन उस व्यक्ति के साथ मंच साझा करना, जिसने 53 बार दावा किया है कि उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोक दिया और पांच बार कहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का वादा किया है — यह मोदी जी के लिए बहुत जोखिम भरा है।”

रमेश ने X (ट्विटर) पर लिखा, “कई दिनों से अटकलें लग रही थीं — क्या वह जाएंगे या नहीं? क्या मोदी जी कुआलालंपुर सम्मेलन में जाएंगे या नहीं? अब साफ है कि प्रधानमंत्री नहीं जाएंगे। इसका मतलब है कि उन्हें दुनिया के नेताओं को गले लगाने और ‘विश्वगुरु’ बनने के फोटो अवसरों का नुकसान उठाना पड़ेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “सच्चाई यह है कि मोदी जी इसलिए नहीं जा रहे क्योंकि वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ आमने-सामने नहीं आना चाहते। कुछ हफ्ते पहले उन्होंने गाज़ा शांति सम्मेलन में भी इसी कारण से जाने से मना कर दिया था।”

रमेश ने व्यंग्य करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री शायद अब वह पुराना बॉलीवुड गीत याद कर रहे होंगे — ‘बच के रहना रे बाबा, बच के रहना रे।’”

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया यात्रा पर न जाने की वजह कार्यक्रमों की व्यस्तता बताई जा रही है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन) शिखर सम्मेलन 26 से 28 अक्टूबर तक कुआलालंपुर में आयोजित होगा। संभावना है कि प्रधानमंत्री मोदी आसियान-भारत सम्मेलन में वर्चुअल रूप से हिस्सा ले सकते हैं।

मलेशिया ने ट्रंप समेत कई देशों के नेताओं को, जो आसियान के संवाद भागीदार हैं, सम्मेलन में आमंत्रित किया है। ट्रंप 26 अक्टूबर को दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर पहुंचेंगे।

आसियान-भारत संबंध 1992 में सेक्टोरल पार्टनरशिप के रूप में शुरू हुए थे, जो 1995 में पूर्ण संवाद साझेदारी और 2002 में शिखर स्तर की साझेदारी तक पहुंचे। 2012 में इन्हें रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया।

आसियान के 10 सदस्य देश हैं — इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया।

पिछले कुछ वर्षों में भारत और आसियान के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया है।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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