
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (PTI) — अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को उर्दू को “दुनिया की सबसे खूबसूरत भाषा” बताते हुए कहा कि भारत की एकता, शांति और प्रगति के लिए हिंदू-मुस्लिम सद्भाव अत्यंत आवश्यक है।
जामिया मिलिया इस्लामिया के 105वें स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति और लोकतांत्रिक भावना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “जामिया का ध्येय गीत हमारे राष्ट्र के मूल्यों को खूबसूरती से दर्शाता है। महात्मा गांधी और सरोजिनी नायडू जैसे महान लोगों ने इसके निर्माण में योगदान दिया था।”
उन्होंने विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी लागू होने की सराहना की और उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों की प्रशंसा की।
लोकतंत्र में खुली व सशक्त बहस के महत्व पर बोलते हुए रिजिजू ने कहा,
“लोकतंत्र में विचारों को तीखे रूप में भी रखा जाता है, इससे कभी-कभी ध्रुवीकरण होता है, पर जब तक राष्ट्रहित को नुकसान न हो, यह गलत नहीं है।”
उन्होंने संसद की बहसों को जीवंत लोकतंत्र का संकेत बताया।
“संसद में शोर-शराबा भी होता है, लेकिन यहीं विविध विचारों को स्थान मिलता है और महत्वपूर्ण विधेयक अंततः राष्ट्रहित में पारित होते हैं,” उन्होंने कहा।
मंत्री ने संविधान की शक्ति और देश की विविधता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।
“संविधान हमें सुरक्षा और हर समस्या का समाधान प्रदान करता है,” उन्होंने कहा।
रिजिजू ने सामाजिक सौहार्द को साझा जिम्मेदारी बताते हुए कहा:
“छह मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यकों में मुसलमान लगभग 80 प्रतिशत हैं। इसलिए हिंदू और मुस्लिम दोनों की ज़िम्मेदारी है कि सद्भाव बनाए रखें। जब वे शांति से रहेंगे, तो अन्य समुदाय भी देश की तरक्की में योगदान देंगे। जामिया इस सद्भाव का सर्वश्रेष्ठ प्रतीक है।”
— PTI
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