275 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पंत के जुझारू अर्धशतक ने इंडिया ‘ए’ को संभाला

बेंगलुरु, 1 नवंबर (पीटीआई): कप्तान ऋषभ पंत का अटूट अर्धशतक—जो निर्भीकता, धैर्य और भाग्य का मिश्रण था—ने इंडिया ‘ए’ को दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ के खिलाफ चार दिवसीय मैच के अंतिम से पहले दिन तक संभाले रखा। शनिवार को स्टंप्स तक टीम का स्कोर 4 विकेट पर 119 रन था।

मैच की स्थिति

  1. लक्ष्य: दक्षिण अफ्रीका के दूसरी पारी में 199 रन पर ऑल आउट होने के बाद, इंडिया ‘ए’ को 275 रन का लक्ष्य मिला है। टीम को जीत के लिए अभी भी 166 रन की जरूरत है।
  2. क्रीज पर: स्टंप्स के समय पंत (64 रन पर नाबाद, 81 गेंद, 8 चौके, 2 छक्के) और आयुष बडोनी (0) क्रीज पर थे। मैच जीतने के लिए रविवार को पंत को निर्णायक भूमिका निभानी होगी।

इंडिया ‘ए’ की पारी

  1. शुरुआती झटके: भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही और एक समय स्कोर 32 रन पर 3 विकेट हो गया था। आयुष म्हात्रे, साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल पवेलियन लौट चुके थे।
  2. म्हात्रे त्शेपो मोरेकी की गेंद पर बोल्ड हुए, सुदर्शन भी उसी गेंदबाज का शिकार हुए, जबकि ओकुहले सेले ने देवदत्त के बल्ले और पैड के बीच से जगह ढूंढकर उन्हें आउट किया।
  3. पंत का पलटवार: इसके बाद पंत ने रजत पाटीदार (28) के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए जुझारू 77 रन की साझेदारी की।
  4. तेज गेंदबाजों के सामने पंत ने आक्रामक रवैया अपनाया, सेले को पुल किया और ऑफ स्पिनर प्रनेलन सुब्रेयन को कवर के ऊपर से छक्का जड़ा।
  5. पंत केवल क्रीज पर टिकने के लिए नहीं देख रहे थे, बल्कि दबदबा कायम कर अपनी टीम को मुकाबले में वापस लाना चाहते थे।
  6. 46 रन पर पंत को एक जीवनदान भी मिला, जब बाएं हाथ के तेज गेंदबाज टियान वैन वुउरेन की गेंद पर फाइन लेग पर सेले ने एक आसान कैच छोड़ दिया।
  7. अर्धशतक: पंत ने 65 गेंदों में चौका लगाकर अपना शानदार अर्धशतक पूरा किया।

पाटीदार का संघर्ष

  1. जीवनदान: दूसरे छोर पर, पाटीदार दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों के सामने गहरे संकट में थे और 7 रन पर उन्हें दूसरा स्लिप में जॉर्डन हरमन द्वारा छोड़े गए कैच पर शुरुआती जीवनदान मिला।
  2. विकेट गंवाना: काफी मेहनत करने के बाद, पाटीदार ने वैन वुउरेन को अपर कट मारने की कोशिश की, जो विकेटकीपर रिवाल्डो मूनसामी के हाथों में चली गई। पंत इस खराब शॉट चयन से काफी निराश दिखे।

दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी

  1. गेंदबाजों का दबदबा: दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने जहाँ शानदार प्रदर्शन किया, वहीं उनके बल्लेबाजों ने जरूरत से ज्यादा आक्रामक मूड दिखाया और मैच से बाहर होने का मौका गंवा दिया।
  2. विकेटों का पतन: 30 रन पर बिना किसी नुकसान के शुरुआत करने के बाद, मेहमान टीम ने पहले ही सत्र में छह विकेट गंवा दिए और स्कोर 128 रन पर 6 विकेट हो गया।
  3. ऑफ स्पिनर तनुष कोटियन (4/26) और तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज (3/39) दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों की अनावश्यक आक्रामकता का फायदा उठाने वाले मुख्य गेंदबाज रहे।
  4. देर से प्रतिरोध: एक समय दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 135 रन पर 7 विकेट था और उनकी कुल बढ़त सिर्फ 210 रन थी। लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अंतिम तीन विकेटों के लिए 64 रन जोड़कर कुल स्कोर और बढ़त को बढ़ाया, जिससे दक्षिण अफ्रीका को मैच में बने रहने का बेहतर मौका मिला।

मैच अंतिम दिन रोमांचक मोड़ पर है। क्या आप जानना चाहेंगे कि ऋषभ पंत का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में औसत स्कोर क्या है?

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