
यरूशलम, 3 नवंबर (AP) इज़राइल ने सोमवार को कहा कि ग़ाज़ा से रविवार रात लौटाए गए तीन बंधकों के अवशेष उन सैनिकों के हैं जो 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले में मारे गए थे, जिसने युद्ध को जन्म दिया। यह पुष्टि अमेरिका की मध्यस्थता में हो रही संघर्षविराम प्रक्रिया की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इज़राइली सेना ने बताया कि इन सैनिकों की हत्या दक्षिणी इज़राइल पर हुए हमले के दौरान की गई थी और उनके शवों को उग्रवादियों द्वारा ग़ाज़ा ले जाया गया था। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने उनकी पहचान कैप्टन ओमर नयूट्रा (अमेरिकी-इज़राइली), स्टाफ सार्जेंट ओज़ डेनियल और कर्नल अस्साफ हमामी के तौर पर की है। हमास ने पहले कहा था कि उनके अवशेष दक्षिणी ग़ाज़ा की एक सुरंग में मिले।
10 अक्टूबर को संघर्षविराम लागू होने के बाद से, फ़िलिस्तीनी उग्रवादी 20 बंधकों के अवशेष लौटा चुके हैं, जबकि आठ अब भी ग़ाज़ा में हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नयूट्रा के परिवार से बात की। उन्होंने बताया, “एक ओर वे राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर यह बेहद दुखद भी है।”
अवशेषों की धीमी वापसी
उग्रवादी हर कुछ दिनों में एक या दो शव लौटा रहे हैं। इज़राइल अधिक तेज़ी से प्रगति की मांग कर रहा है और कई मामलों में उसने कहा है कि लौटाए गए अवशेष किसी बंधक के नहीं थे। हमास का कहना है कि व्यापक तबाही के बीच शवों की पहचान बेहद जटिल है।
इसके बदले, इज़राइल प्रत्येक इज़राइली बंधक के अवशेषों के बदले 15 फ़िलिस्तीनियों के अवशेष लौटा रहा है। डीएनए परीक्षण किट उपलब्ध न होने से ग़ाज़ा के स्वास्थ्य अधिकारी शवों की पहचान में कठिनाई झेल रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार संघर्षविराम के बाद लौटाए गए 225 फ़िलिस्तीनियों के शवों में से केवल 75 की पहचान हो पाई है। पहचान के लिए उनके अवशेषों की तस्वीरें जारी की गई हैं ताकि परिजन पहचान कर सकें।
कौन थे लौटाए गए बंधक?
नयूट्रा 21 वर्ष के थे और अपने टैंक दस्ते के साथ 7 अक्टूबर 2023 के हमले में अगवा हुए थे। दिसंबर 2024 में सेना ने पुष्टि की थी कि वह उसी हमले में मारे गए थे। उनके माता-पिता अमेरिका और इज़राइल में लगातार प्रदर्शन का हिस्सा रहे और उन्होंने रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में भी हिस्सा लिया।
डेनियल, 19 वर्ष, अपने तीन साथियों के साथ टैंक से मृत अवस्था में ले जाए गए थे। वे अपने माता-पिता और जुड़वां बहन को पीछे छोड़ गए।
कर्नल हमामी इज़राइल की दक्षिणी ब्रिगेड के कमांडर थे और हमले की शुरुआत में ही किब्बुत्ज़ निरिम की रक्षा करते हुए मारे गए। रिपोर्टों के अनुसार, वही पहले सैनिक थे जिन्होंने हमले के 10 मिनट के भीतर घोषणा की कि “इज़राइल युद्ध में है”। वे अपनी पत्नी और तीन बच्चों को पीछे छोड़ गए।
संघर्षविराम की स्थिति
बंधकों और फ़िलिस्तीनी शवों का आदान–प्रदान अमेरिका द्वारा कराए गए संघर्षविराम के शुरुआती चरण का मुख्य हिस्सा है। 20-सूत्रीय योजना में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल का गठन भी शामिल है, जो मिस्र और जॉर्डन के साथ मिलकर ग़ाज़ा की सीमा सुरक्षा और संघर्षविराम की निगरानी करेगा।
कई देशों ने शांति बल में शामिल होने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए स्पष्ट संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का जनादेश आवश्यक बताया है।
युद्ध के बाद ग़ाज़ा पर शासन, हमास का निरस्त्रीकरण और मानवीय सहायता की आपूर्ति जैसे मुद्दे अब भी जटिल हैं।
यह इज़राइल-हमास के बीच अब तक का सबसे विनाशकारी युद्ध रहा है।
हमास के हमले में 1,200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बना लिया गया था।
इसके जवाब में इज़राइल के सैन्य अभियान में अब तक 68,800 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, ग़ाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार — जो नागरिक और लड़ाकों में अंतर नहीं करता, परन्तु अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इसे सामान्यतः विश्वसनीय मानते हैं।
इज़राइल ने संयुक्त राष्ट्र के एक आयोग सहित अन्य संस्थाओं द्वारा लगाए गए नरसंहार के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े “विवादित” हैं, हालांकि उसने अपने अलग आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए हैं। (AP)
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