वॉशिंगटन, 3 नवंबर (PTI) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान और चीन सहित कई देश अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं, और इसी आधार पर उनकी प्रशासन ने तीन दशक बाद फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करने का निर्णय लिया है। पिछले सप्ताह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अपनी बैठक से पहले ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के बराबर स्तर पर परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करेगा।
सीबीएस न्यूज की पत्रकार नोरा ओ’डॉनेल को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान को उन देशों की सूची में शामिल किया, जो परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “रूस परीक्षण कर रहा है, चीन परीक्षण कर रहा है, लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं करते। हम एक खुला समाज हैं… हम बात करते हैं… हम परीक्षण करेंगे, क्योंकि वे परीक्षण करते हैं और दूसरे भी करते हैं… और निश्चित रूप से उत्तर कोरिया और पाकिस्तान भी परीक्षण कर रहे हैं।”
गुरुवार को दक्षिण कोरिया में शी जिनपिंग से मुलाकात से ठीक पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि अमेरिका तीन दशकों में पहली बार परमाणु परीक्षण फिर शुरू करेगा। उन्होंने यह दावा भी किया कि कई देश खुले तौर पर यह स्वीकार नहीं करते कि वे परीक्षण कर रहे हैं। “वे आपको नहीं बताते, आप हमेशा नहीं जान पाते कि वे कहां परीक्षण कर रहे हैं। वे भूमिगत परीक्षण करते हैं, जहाँ पता लगाना मुश्किल होता है।”
हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि रूस ने पोसाइडन परमाणु-सक्षम सुपर टॉरपीडो का परीक्षण किया है। ट्रंप ने परमाणु हथियारों के परीक्षण को आवश्यक बताते हुए कहा कि हथियारों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण दोबारा शुरू करना जरूरी है। “वे परीक्षण करते हैं और हम नहीं करते। हमें परीक्षण करना ही होगा। आप परमाणु हथियार बनाते हैं और परीक्षण नहीं करते — फिर कैसे पता चलेगा कि वे काम करते हैं?” उन्होंने कहा।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका मिसाइलों का नियमित परीक्षण करता है जिनमें परमाणु वॉरहेड लगाया जा सकता है, लेकिन 1992 के बाद से उसने किसी भी परमाणु हथियार का विस्फोट परीक्षण नहीं किया है।
इंटरव्यू में ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने सहित कुल आठ संघर्षों को समाप्त किया है। उन्होंने कहा, “रूस-यूक्रेन युद्ध को छोड़कर — जिसमें अभी सफलता नहीं मिली, लेकिन वह भी होगा — बाकी आठ युद्ध मैंने रोके।” जिन संघर्षों का उन्होंने नाम लिया, उनमें कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, कांगो-रवांडा, इज़राइल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया, इज़राइल-हमास, आर्मेनिया-अज़रबैजान और भारत-पाकिस्तान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में उन्होंने व्यापारिक टैरिफ का इस्तेमाल कर तनाव कम किया। “यह भारत और पाकिस्तान के साथ काम आया… अगर टैरिफ और व्यापारिक दबाव न होता तो ये समझौते संभव नहीं थे।”
उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि “यदि डोनाल्ड ट्रंप हस्तक्षेप नहीं करते, तो आज लाखों लोग मारे जा चुके होते।”
हालाँकि, भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम की समझ दो देशों की सेनाओं के डीजीएमओ स्तर की प्रत्यक्ष बातचीत के बाद ही बनी थी। PTI
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