बीजिंग, 5 नवंबर (पीटीआई): अगले साल के APEC शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी कर रहे चीन ने बुधवार को ताइवान की सदस्य राष्ट्र के रूप में भागीदारी पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए जोर दिया कि ‘वन-चाइना’ (एक-चीन) सिद्धांत की स्वीकृति एक राजनीतिक पूर्व-आवश्यकता है।
पृष्ठभूमि और चीन का रुख
- APEC शिखर सम्मेलन 2026: एशिया प्रशांत आर्थिक सम्मेलन (APEC) का अगला शिखर सम्मेलन चीनी शहर शेनझेन में आयोजित किया जाएगा।
- ताइवान की सदस्यता: ताइवान, जिसे चीन अपने मुख्य भूभाग का हिस्सा मानता है, APEC का सदस्य है और ‘चीनी ताइपे’ (Chinese Taipei) नाम से इसमें भाग लेता है।
- चीन की मांग: चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि “वन-चाइना सिद्धांत के तहत एक क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के रूप में भाग लेना और संबंधित APEC MoU में निर्धारित नियमों और प्रथाओं का पालन करना – यह चीनी ताइपे की APEC में भागीदारी के लिए राजनीतिक पूर्व-आवश्यकता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर चीन का रुख स्पष्ट और दृढ़ है।
ताइवान का विरोध और पूर्व प्रतिबद्धता का दावा
ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया-लुंग ने बीजिंग पर APEC में द्वीप की “समान” भागीदारी का समर्थन करने की पिछली प्रतिबद्धता से पीछे हटने का आरोप लगाया है।
- पिछला समझौता: लिन ने ताइपे में मीडिया को बताया कि “पिछले साल पेरू में हुई APEC बैठक के दौरान, जब चीन अगले साल की मेजबानी के लिए होड़ कर रहा था, तो उसने ताइवान की समान भागीदारी का समर्थन करने के लिए एक लिखित प्रतिबद्धता दी थी, खासकर उपस्थित लोगों की सुरक्षा के संबंध में।”
- शर्तें थोपना: उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने अब शेंजेन में अगले साल के APEC शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी पर अनेक शर्तें लगा दी हैं, जो उस पिछली प्रतिबद्धता का उल्लंघन है।
APEC में ताइवान की स्थिति
- APEC उन कुछ उच्च-स्तरीय बहुपक्षीय मंचों में से एक है जहाँ ताइवान की भागीदारी हो पाती है (अधिकांश संयुक्त राष्ट्र से जुड़े संगठनों से वह बाहर है)।
- APEC के 1992 के समझौता ज्ञापन (MoU) में सहमत हुए इस पदनाम (चीनी ताइपे) के तहत, ताइवान को ‘वन-चाइना’ सिद्धांत का पालन करना होता है और अपने नेता के बजाय मंत्री-स्तरीय प्रतिनिधियों को भेजना होता है।
SEO Tags (एसईओ टॅग्स): #APECसमिट #चीनताइवानतनाव #वनचाइनासिद्धांत #शेंजेन2026 #चीनीताइपे #मनोनिंग #लिनचियालुंग

