हॉलीवुड आइकन और यूएनएचसीआर की स्पेशल एंबॉय एंजेलिना जोली ने 5 नवंबर 2025 को युद्धग्रस्त यूक्रेनी शहर खेरसॉन की साहसिक, गुप्त यात्रा की। वह रूसी ड्रोन हमलों के बीच बच्चों के अस्पतालों और प्रसूति वार्डों में पहुँचीं। संघर्ष क्षेत्रों में अपनी सक्रियता के लिए जानी जाने वाली 50 वर्षीय अभिनेत्री ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी, जिस पर यूक्रेनी प्रतीक चिन्ह अंकित थे, और भूमिगत बंकरों में विस्थापित परिवारों व घायल बच्चों से मिलीं, ताकि जारी आक्रमण की मानवीय कीमत दुनिया के सामने रखी जा सके। लेकिन यह यात्रा तब अचानक तनावपूर्ण हो गई जब स्थानीय अंगरक्षकों में से एक को यूक्रेनी सैन्य भर्ती अधिकारियों ने बीच रास्ते में हिरासत में ले लिया। जोली ने स्वयं क्षेत्रीय भर्ती केंद्र (टीआरसी) जाकर उसकी रिहाई सुनिश्चित कराई। सीसीटीवी में कैद यह घटना वायरल हो गई और 300 मिलियन सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच 1.2 मिलियन से अधिक हैशटैग JolieInUkraine का ट्रेंड बन गई, जिससे यूक्रेन की भर्ती चुनौतियों पर वैश्विक ध्यान और बढ़ गया।
गुप्त सफर: सीमा पार से बंकर तक
जोली की यूक्रेन की यह दूसरी यात्रा थी—पहली बार वह अप्रैल 2022 में ल्वीव गई थीं। इस बार उनकी यात्रा पूरी तरह गोपनीय रही, जब तक कि यूक्रेनी मीडिया में उनकी कुछ तस्वीरें सामने नहीं आईं, जिसमें वह खेरसॉन में दिखीं—एक ऐसा फ्रंटलाइन शहर, जो रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों से केवल 30 किलोमीटर दूर है। वह बिना कीव को सूचित किए पैदल सीमा पार करके पहुँचीं और मानवीय मदद पर ध्यान केंद्रित किया। यूक्राइन्स्का प्रावदा की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बच्चों के अस्पताल और प्रसूति वार्ड का दौरा किया, जहाँ वह दैनिक हमलों का सामना करने वाले परिवारों से मिलीं। “ये अविश्वसनीय हिम्मत की कहानियाँ हैं,” उनकी यूएनएचसीआर टीम से जुड़े एक सूत्र ने वेरायटी को बताया। नवंबर 2022 में मुक्त हुआ खेरसॉन आज भी लगातार ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है और यह यूक्रेन के दक्षिणी संघर्ष का प्रतीक है, जहाँ आक्रमण शुरू होने के बाद से 500 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है।
अंगरक्षक विवाद: टीआरसी में जोली की व्यक्तिगत दखल
यात्रा के दौरान सबसे तनावपूर्ण पल माईकोलाइव के पास आया, जब यूक्रेनी क्षेत्रीय भर्ती केंद्र के अधिकारियों ने जोली के काफिले को रोककर उनके एक स्थानीय अंगरक्षक को अनिवार्य सैन्य जांच के लिए हिरासत में ले लिया। वह अंगरक्षक यूक्रेनी नागरिक था और देश में चल रही आक्रामक भर्ती प्रक्रिया के कारण उसे अलग ले जाया गया। प्रावदा ईएन और विजिट यूक्रेन की रिपोर्ट के अनुसार, जोली खुद टीआरसी पहुँच गईं, जहाँ कथित सीसीटीवी फुटेज में वह शांतिपूर्वक उसकी रिहाई का अनुरोध करती दिखाई देती हैं। “यह संकट की घड़ी में करुणा का क्षण था—वह बिना झिझक आगे बढ़ीं,” एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया। कुछ ही देर में रिहाई हो गई, लेकिन इस घटना ने यूक्रेन के भर्ती कानूनों पर बहस और मीम्स को जन्म दिया, जिसके तहत 18-60 वर्ष के पुरुषों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और अक्सर सड़कों पर जांच की जाती है।
जोली की मानवीय विरासत: ल्वीव से वैश्विक ध्यान तक
जोली की यात्राएँ उनके एक दशक लंबे यूएनएचसीआर कार्य को रेखांकित करती हैं, जिसमें वह शरणार्थियों और संघर्ष पीड़ितों की आवाज उठाती हैं। उनकी 2022 की ल्वीव यात्रा में उन्होंने हवाई हमले के बीच यूक्रेनी कवयित्री विक्टोरिया एमेलिना की रचनाएँ पढ़ीं, जिससे उन्हें स्थानीय लोगों की प्रशंसा मिली। यह खेरसॉन यात्रा उनके कान्स 2025 भाषण से भी जुड़ती है, जहाँ उन्होंने 2023 में रूसी हमले में मारी गई एमेलिना को श्रद्धांजलि दी थी। “एंजेलिना अंधेरे स्थानों में रोशनी लेकर आती हैं,” यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने ट्वीट कर कहा और “हमारी लड़ाई को दुनिया को याद दिलाने” के लिए उनका धन्यवाद किया। आलोचक इसे सेलेब्रिटी कूटनीति कहते हैं, पर समर्थकों के अनुसार यह संघर्ष की आवाज़ को और बुलंद करता है। उनकी हालिया फिल्म ‘मारिया’ (2024), जिसमें वह मारिया कैलास की भूमिका के लिए ऑस्कर नामांकन पा चुकी हैं, उनकी कला और सक्रियता दोनों को आगे बढ़ाती है।
बमबारी के बीच उम्मीद की किरण: जोली की यूक्रेन यात्रा जारी
एंजेलिना जोली की खेरसॉन यात्रा ग्लैमर नहीं—दृढ़ता है। अस्पतालों के बंकरों से लेकर टीआरसी में तनावपूर्ण संवाद तक, यह सवाल उठता है: क्या एक आवाज अराजकता को चीर सकती है? उनका निडर कदम इसका जवाब हाँ में देता है, और मानवता की आवाज़ को इतिहास की लड़ाई में अमर बना देता है।
- मनोज एच

