सुप्रीम कोर्ट 11 नवंबर को पूरे देश में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चुनाव आयोग के निर्णय पर करेगा सुनवाई

Pan-India Special Intensive Revision

नई दिल्ली, 7 नवंबर (PTI) सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चुनाव आयोग द्वारा पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) करने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 11 नवंबर को सुनवाई करने पर सहमति जताई।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची की पीठ ने कहा कि 11 नवंबर से इस मुद्दे पर सुनवाई शुरू की जाएगी। अधिवक्ता प्रशांत भूषण, जो एनजीओ ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ की ओर से पेश हुए, ने कहा कि यह मामला लोकतंत्र की जड़ों से जुड़ा हुआ है।

पीठ ने कहा कि 11 नवंबर से कई महत्वपूर्ण मामलों की सूची निर्धारित है, फिर भी वह इस मामले को समायोजित करने का प्रयास करेगी। भूषण ने कहा कि इस मामले की तात्कालिकता इसलिए है क्योंकि कई राज्यों में पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

शीर्ष अदालत पहले से ही बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रही है। 16 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने बिहार में किए गए SIR को “सटीक” बताते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता सिर्फ “झूठे आरोप” लगाकर प्रक्रिया को बदनाम कर रहे हैं। आयोग ने यह भी कहा था कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नाम हटाने के खिलाफ किसी भी मतदाता ने अपील दायर नहीं की।

इसने मुस्लिम मतदाताओं के अनुपातहीन बहिष्कार के आरोपों से भी इनकार किया था।

30 सितंबर को प्रकाशित अंतिम सूची के अनुसार, बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या 7.89 करोड़ से घटकर 7.42 करोड़ रह गई। हालांकि, 1 अगस्त को जारी प्रारूप सूची के मुकाबले अंतिम आंकड़ा 17.87 लाख अधिक है। मसौदा सूची में कुल 65 लाख मतदाता विभिन्न कारणों से हटाए गए थे, जबकि 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए और 3.66 लाख नाम हटाए गए थे।

उधर, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 243 में से 121 सीटों पर मतदान गुरुवार को हो चुका है। शेष 122 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी। PTI

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