
नई दिल्ली, 10 नवंबर (पीटीआई): कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को सरकार की आलोचना की, जब इंडिया गेट पर खराब होती वायु गुणवत्ता के खिलाफ प्रदर्शन करने आए कई लोगों को बिना अनुमति एकत्र होने के कारण हिरासत में लिया गया। उन्होंने पूछा कि स्वच्छ हवा की मांग करने वाले शांतिपूर्ण नागरिकों के साथ “अपराधियों जैसा व्यवहार” क्यों किया जा रहा है।
गांधी ने कहा कि सरकार को “स्वच्छ हवा की मांग करने वाले नागरिकों पर कार्रवाई करने के बजाय अभी निर्णायक कदम उठाने चाहिए।”
उन्होंने यह टिप्पणी पर्यावरणविद विमलेन्दु झा की एक पोस्ट के जवाब में की, जिन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों को “बस में धकेलकर ले जाया गया।”
रविवार को बड़ी संख्या में लोग, जिनमें अभिभावक और पर्यावरण कार्यकर्ता शामिल थे, राष्ट्रीय राजधानी में खराब होती वायु गुणवत्ता के खिलाफ इंडिया गेट पर एकत्र हुए।
पुलिस के अनुसार, कई प्रदर्शनकारियों को बिना अनुमति एकत्र होने के कारण हिरासत में लिया गया।
गांधी ने कहा, “स्वच्छ हवा का अधिकार एक मूलभूत मानव अधिकार है। शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हमारे संविधान द्वारा सुनिश्चित किया गया है। जो नागरिक शांतिपूर्वक स्वच्छ हवा की मांग कर रहे हैं, उन्हें अपराधी की तरह क्यों माना जा रहा है?”
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि वायु प्रदूषण करोड़ों भारतीयों को प्रभावित कर रहा है, हमारे बच्चों और देश के भविष्य को नुकसान पहुंचा रहा है।
लेकिन सरकार, जो “वोट चोरी” के जरिए सत्ता में आई है, न तो परवाह करती है और न ही इस संकट को सुलझाने का कोई प्रयास कर रही है, गांधी ने कहा।
उन्होंने कहा, “हमें स्वच्छ हवा पर निर्णायक कार्रवाई अभी करनी होगी, न कि स्वच्छ हवा की मांग करने वाले नागरिकों पर हमला करना चाहिए।”
प्रदर्शनकारियों में कई माताएँ अपने बच्चों के साथ शामिल थीं। उन्होंने कहा कि वे स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग करने के लिए एकत्र हुए हैं।
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) देवेश कुमार महला ने कहा कि यह कार्रवाई एहतियाती थी।
उन्होंने कहा, “केवल जंतर मंतर को ही प्रदर्शन स्थल के रूप में नामित किया गया है, जहाँ उचित प्रक्रिया का पालन कर अनुमति ली जा सकती है।”
