
नई दिल्ली, 11 नवम्बर (पीटीआई) — रेड फ़ोर्ट के पास कार में हुए विस्फोट में मारे गए कम से कम नौ लोगों की मौत मामले में शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस कार से धमाका हुआ, उसे चला रहा व्यक्ति फरीदाबाद में पकड़े गए आतंक मॉड्यूल से भी जुड़ा हुआ था, जहाँ भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए थे। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार चलाने वाला उमर मोहम्मद, पुलवामा निवासी और डॉक्टर, कथित रूप से उस ह्यूंडै i20 कार को चला रहा था जिसमें रेड फ़ोर्ट मेट्रो स्टेशन की पार्किंग के पास धमाका हुआ।
पुलिस की प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि इस ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था। यह धमाका सोमवार शाम हुआ था जिसमें कम से कम नौ लोग मारे गए और 20 घायल हुए, जबकि कई वाहन आग की चपेट में आकर जल गए।
सूत्रों ने बताया कि यह धमाका फरीदाबाद में पकड़े गए “व्हाइट कॉलर” आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है, जहाँ 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर शामिल थे। इनमे से 360 किलो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री और हथियार भी पुलिस ने बरामद किए थे। पुलिस ने आरोप लगाया है कि उमर मोहम्मद भी इसी मॉड्यूल का हिस्सा था और पेशे से डॉक्टर होने के बावजूद जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था।
जांचकर्ताओं का कहना है कि पुलवामा के तारिक नामक आरोपी, जिसे पकड़ा गया है, ने ही उक्त कार उमर मोहम्मद को दी थी। उसके साथी डॉक्टरों के पकड़े जाने के बाद, उमर ने यह हमला अपने गिरफ्तारी के डर से किया हो सकता है।
घटनास्थल के आसपास की सीसीटीवी फुटेज में एक नकाबपोश व्यक्ति कार चलाते हुए दिख रहा है। पुलिस की कई टीमें इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी हैं। दिल्ली के सभी बॉर्डर और प्रवेश बिंदुओं पर वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय होटल, गेस्ट हाउस और पार्किंग ज़ोन की भी छानबीन जारी है।
पुलिस हर संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखे हुए है। सभी थानों को सतर्क रहने, बाजारों, मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और स्पेशल सेल, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और स्थानीय पुलिस मिलकर यह पता लगा रही हैं कि यह आत्मघाती हमला था या कोई बड़ा आतंकी षड्यंत्र।
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के अनुसार, विस्फोट शाम करीब 6:52 बजे रेड फ़ोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास एक धीमी गति से चल रही ह्यूंडै कार में हुआ। धमाका इतना तीव्र था कि आसपास खड़े कई वाहनों में आग लग गई और पास की इमारतों तथा मेट्रो स्टेशन के शीशे चकनाचूर हो गए। दमकल की दस गाड़ियाँ भेजी गईं और आग पर जल्द काबू पा लिया गया।
स्थानीय व्यापारियों द्वारा साझा किए वीडियो में ब्लास्ट की भयावह तस्वीरें—मृत शव, क्षतिग्रस्त वाहन और बिखरा मलबा दिखाई दिया। मृतकों में उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी 34 वर्षीय अशोक कुमार और दिल्ली के 35 वर्षीय अमर कतारिया की पहचान हुई है। अन्य मृतक 28 से 58 वर्ष के हैं जिनकी पहचान जारी है। घायलों में दिल्ली और अन्य राज्यों—उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश—के लोग शामिल हैं।
जांच एजेंसियाँ धमाके और फरीदाबाद मॉड्यूल के बीच संबंध की गहन जांच कर रही हैं और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।
पीटीआई
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