मोदी ने भूटान के पूर्व राजा से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों में उनके योगदान की सराहना की

**EDS: RPT, THIRD PARTY IMAGE** In this screengrab from a video posted on Nov. 12, 2025, Prime Minister Narendra Modi with Bhutan's Fourth King, 'Druk Gyalpo', Jigme Singye Wangchuck during a meeting, in Bhutan. (@NarendraModi via PTI Photo)(PTI11_12_2025_RPT030B) *** Local Caption ***

थिम्फू, 12 नवम्बर (पीटीआई) – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भूटान के पूर्व राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से मुलाकात की और भारत-भूटान संबंधों को मजबूत करने में उनके वर्षों से किए गए योगदान की सराहना की।

मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “महामहिम चौथे द्रुक ग्यालपो से शानदार मुलाकात हुई। भारत-भूटान संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए उनके वर्षों के योगदान की मैं सराहना करता हूँ।”

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और संपर्क (कनेक्टिविटी) के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।

मोदी ने कहा, “गलेफू माइंडफुलनेस सिटी प्रोजेक्ट में हुई प्रगति सराहनीय है, जो हमारी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के अनुरूप है।”

विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने “विशेष भारत-भूटान मित्रता को और प्रगाढ़ बनाने में महामहिम के दूरदर्शी मार्गदर्शन और सलाह” के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने पूर्व राजा के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और दीर्घायु के लिए भारत सरकार और जनता की ओर से शुभकामनाएँ दीं।

मोदी, जो हिमालयी देश की दो दिवसीय यात्रा पर हैं, ने मंगलवार को थिम्फू के चांगलिमेथांग स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया, जो भूटान के चौथे ‘द्रुक ग्यालपो’ जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

उन्होंने कहा कि भारत और भूटान सदियों से गहरे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध साझा करते आए हैं और इस “महत्वपूर्ण अवसर” में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात है।

प्रधानमंत्री ने चौथे राजा के परिवर्तनकारी शासनकाल की प्रशंसा की, जिसके दौरान भूटान एक “आधुनिक राष्ट्र-राज्य” और संवैधानिक लोकतांत्रिक राजशाही के रूप में उभरा।

मोदी ने कहा कि चौथे राजा के नेतृत्व में भूटान ने सकल राष्ट्रीय खुशी (Gross National Happiness) की अनोखी अवधारणा को अपनाया, जिसमें आर्थिक विकास को स्थिरता के साथ जोड़ा गया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भूटान के चौथे राजा बुद्धिमत्ता, सादगी, साहस और राष्ट्र के प्रति निःस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं।”

उन्होंने भूटान में लोकतांत्रिक प्रणाली स्थापित करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाई।

प्रधानमंत्री मोदी ने राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक के साथ पुनातसंगछू-II परियोजना का उद्घाटन भी किया, जिसके बाद दोनों के बीच व्यापक वार्ता हुई।

मोदी ने कहा कि भारत और भूटान की प्रगति और समृद्धि एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई है, और दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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