
ढाका, 17 नवम्बर (PTI) पदच्युत प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के मामले में विशेष ट्रिब्यूनल के फैसले से पहले सोमवार को पूरे बांग्लादेश में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छिटपुट हिंसा की घटनाएं सामने आईं।
राजधानी ढाका, जो सामान्यतः सप्ताह के दिनों में सुबह जाम से भरी रहती है, सोमवार को लगभग खाली सड़कों के साथ जागी। कुछ इक्का-दुक्का कारें और रिक्शे ही कड़ी सुरक्षा वाले चौराहों से गुजरते दिखे। हालांकि, दिन बढ़ने के साथ शहर में हिंसा की कई घटनाएँ हुईं।
प्रदर्शनकारियों ने पेड़ों के तने और टायर जलाकर सड़कों को अवरुद्ध किया, जबकि कई कच्चे बम धमाकों से ढाका के कई इलाकों में दहशत फैल गई। इसी तरह की हिंसा की खबरें देश के अन्य हिस्सों से भी आईं।
जुलाई विद्रोह से जुड़े कई समूह सुबह इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-बांग्लादेश (ICT-BD) परिसर के बाहर जुटे और नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की। यह घटनाक्रम रविवार रात हुई आगजनी और कच्चे बम हमलों की श्रृंखला के बाद सामने आया।
अज्ञात हमलावरों ने एक पुलिस स्टेशन परिसर के वाहन-डंपिंग कोने में आग लगा दी और अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के एक सलाहकार परिषद सदस्य के निवास के बाहर दो कच्चे बम विस्फोट किए। ढाका के कई प्रमुख चौराहों पर भी धमाकों की खबरें मिलीं।
अब-भंग हो चुकी अवामी लीग द्वारा दो दिन के बंद के आह्वान के बाद स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस की सख्त निगरानी का आदेश दिया।
सुरक्षा बलों ने ICT-BD परिसर, सचिवालय, सुप्रीम कोर्ट परिसर, प्रधानमंत्री कार्यालय और कूटनीतिक क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। प्रमुख स्थानों पर बख्तरबंद गाड़ियाँ, वाटर कैनन और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) तथा पुलिस की दंगा-नियंत्रण इकाइयाँ तैनात हैं। शहर में प्रवेश और निकास बिंदुओं पर चेकपोइंट्स पर कड़ी तलाशी जारी है।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) ने अपने कर्मियों को हिंसक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने की अनुमति दी है।
DMP कमिश्नर एसएम सज़्ज़ात अली ने रविवार देर रात कहा, “जो कोई भी बस में आग लगाएगा या लोगों को मारने के इरादे से कच्चे बम फेंकेगा, उसे गोली मार दी जानी चाहिए।”
अभियोजकों ने 78 वर्षीय हसीना के लिए मृत्यु दंड की मांग की है।
10 नवम्बर से ढाका में तड़के होने वाले कई गुप्त हमलों की श्रृंखला जारी है, जिनमें यूनुस द्वारा स्थापित ग्रामीण बैंक के मिरपुर मुख्यालय के बाहर कच्चे बम विस्फोट शामिल हैं। कई शाखाओं को पेट्रोल बम और आगजनी से निशाना बनाया गया, और पिछले सप्ताह पार्क किए गए वाहनों को आग लगाने से एक बस चालक की मौत हो गई।
हसीना, जो इस समय भारत में हैं, को पूर्व गृह मंत्री असदुज़्ज़मान खान कमाल के साथ अनुपस्थित में ही ट्रायल का सामना करना पड़ा। पूर्व पुलिस प्रमुख अब्दुल्ला अल मामून व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और संभवतः नरमी पाने के लिए सरकारी गवाह बन गए।
अभियोजक ग़ाज़ी एमएच तमीम ने कहा कि राज्य ने अधिकतम सजा की मांग की है और आरोपियों की संपत्ति जब्त कर पीड़ितों के परिवारों में बांटने की अनुशंसा की है।
ICT-BD के नियमों के अनुसार, हसीना फैसले के 30 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण किए बिना या गिरफ्तारी के बिना अपीलीय प्रभाग में अपील नहीं कर सकतीं।
अवामी लीग के फ़ेसबुक पेज पर जारी एक ऑडियो संदेश में हसीना ने आरोपों को खारिज किया और समर्थकों से चिंतित न होने की अपील करते हुए कहा कि “यह सिर्फ़ समय की बात है।”
हसीना और उनके दो सहयोगियों पर पिछले वर्ष के जुलाई विद्रोह से जुड़े मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों—जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, अत्याचार, निर्शस्त्र छात्र प्रदर्शनकारियों पर घातक बल का इस्तेमाल, घातक हथियारों की तैनाती के आदेश, और रंगपुर व ढाका में विशिष्ट हत्याएं शामिल हैं—के आरोप लगाए गए हैं।
हसीना इन सभी आरोपों को “पूरी तरह झूठा” बताती हैं।
