
नई दिल्ली, 21 नवंबर (PTI): भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग के सभी स्तंभों—व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा और कौशल, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और ऊर्जा—में “उल्लेखनीय विस्तार” हुआ है, लेकिन सबसे अधिक वृद्धि जन-से-जन संबंधों में देखने को मिली है, यह बात विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कही।
वे यहाँ 16वीं भारत–ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्रियों की रूपरेखा वार्ता (FMFD) में अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पेनी वोंग के साथ सह-अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों की ये सिफारिशें “बहुत जल्द मिलने वाले हमारे प्रधानमंत्रियों के लिए महत्वपूर्ण होंगी।”
G20 समिट से पहले वार्ता का महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21–23 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में आयोजित 20वें G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ भी 20–22 नवंबर को जोहानिसबर्ग पहुंचेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
MEA ने बताया कि मोदी भी जोहानिसबर्ग में कई द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे, जिनका कार्यक्रम तय किया जा रहा है।
दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा
पेनी वोंग बुधवार को दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचीं और गुरुवार शाम जयशंकर से मुलाकात की। उन्होंने NSA अजीत डोभाल से भी मुलाकात की।
FMFD के दौरान मंत्रियों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर विचार साझा किए।
दोनों ने एक मुक्त, खुले, सुरक्षित और समृद्ध इंडो-पैसिफिक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि की।
2025 में इस साझेदारी के पाँच वर्ष पूरे होने पर अगले चरण के लिए एजेंडा तय करने पर भी सहमति बनी। अगली FMFD बैठक ऑस्ट्रेलिया में होगी।
जयशंकर ने कहा: संबंधों में सहजता और भरोसा बढ़ा
जयशंकर ने कहा:
“पिछले पाँच वर्षों में हमारे सहयोग की गर्मजोशी और सहजता सभी देख रहे हैं। व्यापार, रक्षा, शिक्षा, विज्ञान, अंतरिक्ष—सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है, और सबसे अधिक वृद्धि हमारे जन-से-जन संबंधों में हुई है।”
उन्होंने कहा कि बैठक न केवल प्रगति की समीक्षा का अवसर है, बल्कि अगले चरण की दिशा तय करने का भी मौका है।
जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भारत–ऑस्ट्रेलिया की अहम भूमिका
जयशंकर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसी लोकतांत्रिक शक्तियों की ज़िम्मेदारी और बढ़ गई है—
चाहे वह समुद्री सुरक्षा,
मजबूत सप्लाई चेन,
आतंकवाद का मुकाबला,
या जलवायु कार्रवाई क्यों न हो।
रक्षा अभ्यास और साइबर सुरक्षा में गहरा सहयोग
उन्होंने कहा कि आज दोनों देशों के बीच बड़े और जटिल द्विपक्षीय व बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास,
इंटरऑपरेबिलिटी,
मैरिटाइम डोमेन अवेयरनेस,
और साइबर सुरक्षा सहयोग,
दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं।
व्यापार—CECA पर जल्द सहमति की उम्मीद
जयशंकर ने कहा कि व्यापार और निवेश के संबंध लगातार मज़बूत हो रहे हैं और व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) पर बातचीत जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग—गगनयान के लिए समर्थन
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के गगनयान मिशन के समर्थन के लिए आभार जताया।
जयशंकर ने कहा, “हम स्वागत करते हैं कि ऑस्ट्रेलिया अपना उपग्रह भारतीय लॉन्च व्हीकल से प्रक्षेपित करने की योजना बना रहा है।”
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