पीएम मोदी बोले—राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति पद तक पहुँचना लोकतंत्र की सच्ची ताकत का प्रतीक

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Nov. 25, 2025, Vice President C.P. Radhakrishnan with Union Minister for Civil Aviation Rammohan Naidu during a meeting at Parliament House, in New Delhi. (@VPIndia/X via PTI Photo)(PTI11_25_2025_000563B)

नई दिल्ली, 1 दिसंबर (PTI) — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से उठकर सी. पी. राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति पद तक पहुँचना लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन राज्यसभा के सुचारू संचालन में सहायक होगा।

सितंबर में चंद्रपुरम पोनुसामी (सी. पी.) राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए, जिसके साथ ही वे राज्यसभा के पदेन (ex-officio) सभापति बन गए।

शीतकालीन सत्र की शुरुआत पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें बधाई दी और आशा जताई कि उनके नेतृत्व में सदन सार्थक चर्चाएँ करेगा और महत्वपूर्ण निर्णय लेगा।

मोदी ने कहा, “मैं आपको बधाई देता हूँ, और मुझे विश्वास है कि इस सदन का हर सदस्य इसकी परंपराओं का सम्मान करेगा और आपकी गरिमा को बनाए रखेगा।”

यह शीतकालीन सत्र राधाकृष्णन का उपरी सदन के अध्यक्ष के रूप में पहला सत्र है।

मोदी ने कहा कि राधाकृष्णन एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित किया है। “राजनीति उनके जीवन का केवल एक हिस्सा रही है—युवा अवस्था से अब तक उनका केंद्रीय मिशन समाज की सेवा रहा है। विनम्र शुरुआत से इस उच्च पद तक आपकी यात्रा वास्तव में हमारे लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाती है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि राधाकृष्णन हमेशा प्रोटोकॉल से ऊपर रहते हैं। “आपका व्यक्तित्व सेवा, समर्पण और धैर्य का प्रतीक है।”

उन्होंने दो घटनाओं का उल्लेख किया जिन्होंने राधाकृष्णन के जीवन को प्रभावित किया—एक बार बचपन में वे डूबने से बाल-बाल बचे, जिसने उन्हें समाज सेवा के लिए आजीवन समर्पण की प्रेरणा दी। दूसरी बार, वे पूर्व उपप्रधानमंत्री एल. के. आडवाणी की यात्रा पर हुए बम धमाके से बच गए, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्र की सेवा और भी दृढ़ता से करने का संकल्प लिया।

मोदी ने यह भी बताया कि उपराष्ट्रपति ने वाराणसी की यात्रा के दौरान मांसाहार छोड़ने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहता कि मांसाहार करना गलत है, लेकिन वाराणसी के सांसद के रूप में मैं इस gesture की सराहना करता हूँ।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि राधाकृष्णन ने छात्र जीवन से ही मजबूत नेतृत्व क्षमता दिखाई। आपातकाल के दौरान उन्होंने सच्चे लोकतांत्रिक सैनिक की तरह संघर्ष किया और जन-जागरण का कार्य किया।

मोदी बोले, “वे हमेशा एक कुशल आयोजक रहे हैं, उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी गई, उसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और लोगों को साथ लाया।”

उन्होंने कहा, “आज हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। आपकी यात्रा पूरे राष्ट्र को प्रेरणा देती है। मैं आपको एक बार फिर बधाई देता हूँ।”

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