विपक्ष के विरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

**EDS: THIRD PARTY IMAGE; SCREENGRAB VIA SANSAD TV** New Delhi: Lok Sabha Speaker Om Birla conducts proceedings in the House amid protest by opposition members in the well on the first day of the Winter Session of Parliament, in New Delhi, Monday, Dec. 1, 2025. (Sansad TV via PTI Photo)(PTI12_01_2025_000073B)

नई दिल्ली, 2 दिसंबर (PTI) — विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों के जोरदार विरोध के चलते मंगलवार को शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, जहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने अध्यक्ष दीर्घा में मौजूद जॉर्जिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया, जो सदन की गतिविधियों को देखने आए थे।

कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल प्रारंभ हुआ, लेकिन विपक्षी सदस्य चुनाव आयोग की SIR संबंधी प्रक्रिया पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे।

हंगामे के बीच अध्यक्ष ने दो सांसदों को उनके संबंधित मंत्रालयों से जुड़े प्रश्न पूछने की अनुमति दी, जिनका जवाब संबंधित मंत्रियों ने दिया।

विरोध जारी रहने पर बिड़ला ने सदस्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा,

“लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन कुछ सदस्यों का सदन के अंदर और बाहर का आचरण स्वीकार्य नहीं है। सभी को सदन और देश की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि वे सभी सदस्यों को पर्याप्त अवसर देते हैं, लेकिन विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मानकों को भी बनाए रखना आवश्यक है। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

सोमवार को भी विपक्ष के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी थी। पिछला सत्र भी लगभग बेनतीजा रहा था, क्योंकि विपक्ष SIR पर बहस की मांग कर रहा था।

रविवार को सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने कहा था कि वे SIR पर चर्चा की मांग जारी रखेंगे।

चुनाव आयोग ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में SIR की घोषणा की है।

इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने हैं। असम, जहां 2026 में चुनाव हैं, वहां यह प्रक्रिया अलग से ‘विशेष पुनरीक्षण’ के रूप में घोषित की गई है।

इस बड़े मतदाता सूची शोधन अभियान के तहत लगभग 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे।

SIR का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची से हटाना है, जिसके लिए जन्मस्थान की जांच की जा रही है। यह कदम कई राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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