
नई दिल्ली, 2 दिसंबर (PTI) राज्यसभा ने मंगलवार को मणिपुर GST विधेयक को लोकसभा को वापस भेज दिया। यह विधेयक पूर्वोत्तर राज्य में GST 2.0 सुधारों को लागू करने के लिए जारी अध्यादेश को प्रतिस्थापित करने के उद्देश्य से लाया गया है।
लोकसभा ने यह विधेयक सोमवार को पारित किया था।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा सदन के पटल पर रखे गए मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य GST परिषद की 56वीं बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रभावी बनाना है।
GST परिषद, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करती हैं और जिसमें सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं, ने 375 वस्तुओं पर GST दरों को तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया था। इसके तहत 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की चार स्लैबों को घटाकर 2, 5 और 18 प्रतिशत कर दिया गया।
अल्ट्रा-लक्ज़री वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की दर का प्रस्ताव किया गया है। नई कर दरें 22 सितंबर से लागू हो चुकी हैं।
वस्तुओं और सेवाओं पर GST दरों में हुए इन बदलावों को लागू करने के लिए राज्यों के GST कानूनों में संशोधन आवश्यक है।
चूंकि मणिपुर वर्तमान में राष्ट्रपति शासन के अधीन है, इसलिए 7 अक्टूबर को एक अध्यादेश जारी किया गया था ताकि इन संशोधनों को लागू किया जा सके।
संक्षिप्त चर्चा और वित्त मंत्री के वक्तव्य के बाद यह विधेयक उच्च सदन द्वारा लोकसभा को लौटा दिया गया।
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