राहुल गांधी को राहत: सुप्रीम कोर्ट ने ‘आर्मी टिप्पणी’ मामले में ट्रायल पर लगी रोक बढ़ाई

New Delhi: Leader of Opposition in the Lok Sabha Rahul Gandhi, center, and Congress MPs Priyanka Gandhi Vadra, left, and Mallikarjun Kharge during a protest amid the ongoing Winter Session of Parliament, in New Delhi, Wednesday, Dec. 3, 2025. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI12_03_2025_000609B)

नई दिल्ली, 4 दिसंबर (PTI) सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर भारतीय सेना पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े मामले में ट्रायल पर लगी अंतरिम रोक को 22 अप्रैल, 2025 तक बढ़ा दिया।

न्यायमूर्ति एम. एम. सुन्दरश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने गांधी की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले की विस्तृत सुनवाई की जाएगी।

यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट के 29 मई के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की समन रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को इस मामले की सुनवाई के दौरान लखनऊ की अदालत में चल रही कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी थी।

पीठ ने उस समय गांधी से पूछा था, “आपको कैसे पता चला कि 2,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर चीन ने कब्ज़ा कर लिया है? क्या आप वहां थे? क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है?”

पीठ ने यह भी कहा था, “अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बातें नहीं कहेंगे।”

अदालत ने इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंहवी ने कहा कि यदि विपक्ष के नेता को मुद्दे उठाने की अनुमति न मिले तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा।

उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी शिकायत लेने से पहले आरोपी को सुनना अनिवार्य था, जो इस मामले में नहीं किया गया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने दिसंबर 2022 में अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान चीन से हुई झड़पों के संदर्भ में भारतीय सेना के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की थीं।

ट्रायल कोर्ट ने गांधी को मानहानि के आरोप में तलब किया था। गांधी के वकील ने दलील दी कि शिकायत में लगाए गए आरोप पहली नज़र में ही संदिग्ध लगते हैं।

यह भी कहा गया कि गांधी लखनऊ के निवासी नहीं हैं, इसलिए अदालत को समन जारी करने से पहले आरोपों की सत्यता की जांच करनी चाहिए थी।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

SEO टैग्स:#swadesi, #News, सेना पर टिप्पणी: सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ ट्रायल पर लगी रोक बढ़ाई