अति-रूढ़िवादी की बड़ी जीत, चिली को दशकों में सबसे दक्षिणपंथी राष्ट्रपति मिला

Jose Antonio Kast

सैंटियागो, 15 दिसंबर (एपी) चिली के अति-रूढ़िवादी पूर्व सांसद जोस एंटोनियो कास्ट ने रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने केंद्र-वामपंथी सत्तारूढ़ गठबंधन की उम्मीदवार को हराया और देश में लोकतंत्र के 35 वर्षों में सबसे दक्षिणपंथी सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त किया।

कास्ट को 58.2 प्रतिशत वोट मिले, क्योंकि चिली के मतदाताओं ने बढ़ते अपराध पर सख्ती, अवैध रूप से रह रहे लाखों प्रवासियों के निर्वासन और लैटिन अमेरिका के सबसे स्थिर व समृद्ध देशों में से एक की सुस्त अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के उनके वादे को बड़े पैमाने पर अपनाया।

उनकी प्रतिद्वंद्वी, कम्युनिस्ट उम्मीदवार जियानेट जारा को 41.8 प्रतिशत वोट मिले। बढ़त निर्णायक होने के बाद उन्होंने कास्ट को फोन कर चुनाव में हार स्वीकार की और उनकी सफल मुहिम के लिए बधाई दी। कास्ट के समर्थक सड़कों पर खुशी से झूम उठे, उनका नाम पुकारते हुए और गाड़ियों के हॉर्न बजाते हुए जश्न मनाया।

केंद्र-वामपंथी राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक की सरकार में श्रम मंत्री रहीं जारा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “लोकतंत्र ने साफ और ज़ोरदार आवाज़ में अपना फैसला सुना दिया।”

चिली की राजधानी सैंटियागो के डाउनटाउन स्थित एक सार्वजनिक चौक पर बोलते हुए उन्होंने अपने समर्थकों से नतीजों से निराश न होने की अपील की। उन्होंने कहा, “हार में ही हम सबसे ज़्यादा सीखते हैं।”

मतदान समाप्त होने के दो घंटे से भी कम समय में कास्ट को विजेता घोषित कर दिया गया। उनकी चुनावी मुहिम के प्रवक्ता आर्तुरो स्कुएला ने गंभीर लहजे में कहा कि पार्टी चिली के सामने मौजूद संकटों से निपटने की “भारी जिम्मेदारी” को लेकर खुद को बेहद उत्तरदायी महसूस कर रही है।

क्षेत्रीय रुझान को मिल रहा बल

कट्टर बदलाव की मांग में चिली अकेला नहीं है।

कास्ट की जीत लैटिन अमेरिका में मौजूदा सरकारों को बाहर करने और अर्जेंटीना से लेकर बोलीविया तक दक्षिणपंथी नेताओं को सत्ता में लाने वाले चुनावी फैसलों की श्रृंखला का ताज़ा उदाहरण है। यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, कई मामलों में प्रतिद्वंद्वियों को दंडित और सहयोगियों को पुरस्कृत करते हुए।

ट्रंप प्रशासन कास्ट को उनकी जीत पर बधाई देने वालों में सबसे पहले शामिल था।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बयान में कहा, “उनके नेतृत्व में हमें भरोसा है कि चिली साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएगा, जिनमें सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना, अवैध आव्रजन को समाप्त करना और हमारे वाणिज्यिक संबंधों को पुनर्जीवित करना शामिल है।”

उन्होंने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका उनकी सरकार के साथ मिलकर अपने साझेपन को और गहरा करने और हमारे गोलार्ध में साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए उत्सुक है।”

अत्यधिक ध्रुवीकृत चुनाव

कास्ट की जीत ने चिली के लिए एक नए युग का संकेत दिया है। यह 1990 में जनरल ऑगस्टो पिनोशे के खूनी तानाशाही शासन के बाद लोकतंत्र की वापसी के बाद देश का पहला कट्टर दक्षिणपंथी राष्ट्रपति होगा। इसके बाद के दशकों में दक्षिण और वाम के मध्यमार्गी दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं।

ऊपरी तौर पर, इस तनावपूर्ण राष्ट्रपति रनऑफ में दोनों उम्मीदवार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे और अर्थव्यवस्था, सामाजिक मुद्दों तथा सरकार की भूमिका जैसे अहम विषयों पर उनकी राय बुनियादी तौर पर भिन्न थी।

चिली की कम्युनिस्ट पार्टी की आजीवन सदस्य जारा, जिन्होंने बोरिक सरकार में लोकप्रिय सामाजिक कल्याण योजनाओं की शुरुआत की और जिनका परिवार पिनोशे की 1973-1990 की सैन्य तानाशाही के खिलाफ आंदोलनों में शामिल रहा, अपने प्रतिद्वंद्वी के बिल्कुल उलट थीं।

इसके विपरीत, कास्ट एक कट्टर कैथोलिक और नौ बच्चों के पिता हैं। उनके जर्मनी में जन्मे पिता एडोल्फ हिटलर की नाजी पार्टी के पंजीकृत सदस्य थे और उनके भाई तानाशाही शासन में मंत्री रहे।

समलैंगिक विवाह और गर्भपात के सख्त विरोध सहित कास्ट का नैतिक रूढ़िवाद, पिछले दो असफल राष्ट्रपति चुनावों में देश के बढ़ते सामाजिक उदारवाद के चलते कई मतदाताओं द्वारा खारिज कर दिया गया था।

लेकिन बोरिक के कार्यकाल के दौरान अनियंत्रित अवैध आव्रजन और अभूतपूर्व संगठित अपराध को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने देश को झकझोर दिया। ये मुद्दे इस चुनाव पर हावी रहे और असुरक्षा से निपटने के लिए सख्त रुख के समर्थन को बढ़ावा मिला।

आज उनके समर्थकों का दायरा काफी व्यापक है, जिसमें मुक्त बाजार की उनकी सोच से उत्साहित कारोबारी, रात में बाहर निकलने से डरने वाले मध्यम वर्गीय परिवार और सैन्य तानाशाही की महिमा करने वाले अति-दक्षिणपंथी कार्यकर्ता शामिल हैं।

रविवार देर रात जीत के बाद कास्ट के भाषण का इंतजार कर रहे लोगों में युवा चिलीवासी भी शामिल थे, जो पिनोशे की तस्वीरें फ्रेम में लेकर खड़े थे। (एपी) MPL MPL

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