
कोलंबो, 15 दिसंबर (पीटीआई) — भारत ने चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका में तैनात अपने फील्ड अस्पताल के संचालन को रविवार को सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया। भारतीय उच्चायोग ने यहां यह जानकारी दी। इस मानवीय मिशन के तहत व्यापक स्तर पर चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
पूर्ण रूप से सुसज्जित पैरा फील्ड अस्पताल को ऑपरेशन सागर बंधु के तहत स्थापित किया गया था और इसे 2 दिसंबर को भारतीय सेना की शत्रुजीत ब्रिगेड की 78 सदस्यीय एकीकृत टास्क फोर्स के साथ हवाई मार्ग से श्रीलंका लाया गया था। इसे कैंडी के पास महियंगनया में तैनात किया गया था, जो सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, ताकि वहां तत्काल चिकित्सा जरूरतों को पूरा किया जा सके।
अपने संचालन के दौरान अस्पताल में 7,176 मरीजों का इलाज किया गया, 513 छोटे चिकित्सीय प्रक्रियाएं की गईं और 14 बड़ी सर्जरी की गईं। इसके जरिए ट्रॉमा प्रबंधन सहित जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। मिशन के अनुसार, यह सुविधा प्रतिदिन लगभग 1,000 से 1,200 मरीजों को सेवाएं प्रदान कर रही थी।
अपने दायित्वों की पूर्ति के बाद चिकित्सा दल रविवार को भारत लौट आया।
चिकित्सा सहायता के अलावा, भारतीय टास्क फोर्स ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण संचार संपर्कों को भी बहाल किया। सेना के सिग्नलर्स ने एक बेस ट्रांसीवर स्टेशन के पास क्षतिग्रस्त ऑप्टिकल फाइबर केबल की मरम्मत की, जिससे कठिन भू-भाग और प्रतिकूल मौसम के बावजूद चक्रवात के कारण उत्पन्न संचार बाधा को दूर कर कनेक्टिविटी बहाल की गई।
श्रीलंका नवंबर के मध्य से व्यापक बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान से जूझ रहा है, जिससे उसकी आपदा-प्रतिक्रिया क्षमता पर गंभीर दबाव पड़ा है। कोलंबो की अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील पर प्रतिक्रिया देने वाला भारत पहला देश था।
रविवार शाम तक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 16 नवंबर से अब तक कम से कम 644 लोगों की मौत हो चुकी है और 183 लोग अब भी लापता हैं। 6,000 से अधिक घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, 1.12 लाख से ज्यादा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं और 70,000 से अधिक लोग अब भी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
— चारु
