सरकार MGNREGA की जगह 125 दिन के ग्रामीण रोजगार की गारंटी वाला नया कानून लाने की तैयारी में

**EDS: THIRD PARTY IMAGE, SCREENGRAB VIA SANSAD TV** New Delhi: BJP MP Dilip Saikia presides over the Lok Sabha during the Winter session of Parliament, in New Delhi, Monday, Dec. 15, 2025. (Sansad TV via PTI Photo) (PTI12_15_2025_000129B)

नई दिल्ली, 15 दिसंबर (PTI) — केंद्र सरकार लोकसभा में एक विधेयक पेश करने जा रही है, जिसके तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को निरस्त कर उसकी जगह हर वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी देने वाला नया ग्रामीण रोजगार कानून लाया जाएगा।

प्रस्तावित कानून विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) विधेयक, 2025 के नाम से जाना जाएगा और इसे सोमवार को लोकसभा के अनुपूरक कार्यसूची में सूचीबद्ध किया गया है।

विधेयक के अनुसार, नया ढांचा विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण रोजगार को जोड़ने का प्रयास करता है। इसके तहत हर वित्तीय वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को, जो अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार हैं, 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी।

विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण में ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि MGNREGA ने लगभग दो दशकों तक ग्रामीण परिवारों को मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराया है, लेकिन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार और संतृप्ति-आधारित शासन के कारण ग्रामीण भारत में आए बड़े सामाजिक-आर्थिक बदलावों को देखते हुए इसे और मजबूत करने की आवश्यकता है।

जहां MGNREGA का मुख्य उद्देश्य आजीविका सुरक्षा था, वहीं नया विधेयक सशक्तिकरण, विकास, समन्वय और संतृप्ति को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसके तहत सार्वजनिक कार्यों के माध्यम से विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना ढांचे के निर्माण में योगदान दिया जाएगा। इसकी प्रमुख थीम में जल सुरक्षा, मूल ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से जुड़े परिसंपत्तियों का निर्माण और चरम मौसम घटनाओं से निपटने के लिए विशेष कार्य शामिल हैं।

विधेयक कृषि श्रमिकों की उपलब्धता के मुद्दे को भी संबोधित करता है, विशेष रूप से खेती के व्यस्त मौसम के दौरान। इसमें राज्यों को यह अधिकार दिया गया है कि वे बुवाई और कटाई जैसे विशिष्ट समयावधियों को अधिसूचित कर सकें, जिनके दौरान योजना के तहत कार्य अस्थायी रूप से रोके जा सकते हैं, ताकि कृषि के लिए पर्याप्त श्रम उपलब्ध हो सके।

योजना के बेहतर नियोजन और क्रियान्वयन के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं को पीएम गति शक्ति से जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके साथ एक व्यापक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र की परिकल्पना की गई है, जिसमें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जीपीएस या मोबाइल-आधारित कार्यस्थल निगरानी, रियल-टाइम डैशबोर्ड, सक्रिय प्रकटीकरण और योजना, ऑडिट तथा धोखाधड़ी जोखिम को कम करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग शामिल है।

यह योजना केंद्र प्रायोजित होगी। राज्यों को अधिनियम लागू होने के छह महीने के भीतर अपनी कार्यान्वयन योजनाएं तैयार करनी होंगी। केंद्र सरकार निर्धारित मानकों के आधार पर धनराशि आवंटित करेगी, जबकि स्वीकृत आवंटन से अधिक होने वाला खर्च संबंधित राज्य सरकारों को वहन करना होगा।

वर्ष 2005 में लागू किया गया MGNREGA वर्तमान में ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी देता है। संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हुआ है और 19 दिसंबर को समाप्त होगा।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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