जॉर्डन दौरे पर पीएम मोदी: सहयोग के विस्तार के साथ “अर्थपूर्ण कदम आगे”

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image received on Dec. 15, 2025, Prime Minister Narendra Modi arrives to meet King of Jordan Abdullah II, in Amman, Jordan. (PMO via PTI Photo)(PTI12_15_2025_000519B)

अम्मान, 16 दिसंबर (PTI) — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जॉर्डन की अपनी यात्रा के ठोस परिणामों को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रबंधन, संस्कृति और डिजिटल नवाचार सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग का “अर्थपूर्ण विस्तार” हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर राजधानी अम्मान पहुंचे। जॉर्डन, प्रधानमंत्री के चार दिवसीय तीन देशों के दौरे का पहला चरण है, जिसके बाद वह इथियोपिया और ओमान जाएंगे।

भारत और जॉर्डन ने सोमवार को संस्कृति, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तथा पेट्रा और एलोरा के बीच ट्विनिंग व्यवस्था से जुड़े समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, जिनका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों और मित्रता को नई मजबूती देना है।

मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट की एक श्रृंखला में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये उपलब्धियां भारत-जॉर्डन साझेदारी के “अर्थपूर्ण विस्तार” को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि नई और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत-जॉर्डन सहयोग स्वच्छ विकास, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु जिम्मेदारी के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संसाधन प्रबंधन और विकास में सहयोग से संरक्षण, दक्षता और प्रौद्योगिकी से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान संभव होगा, जिससे दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

सांस्कृतिक सहयोग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रा और एलोरा के बीच ट्विनिंग समझौता “विरासत संरक्षण, पर्यटन और शैक्षणिक आदान-प्रदान के नए रास्ते खोलेगा।”

मोदी ने यह भी कहा कि 2025–2029 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का नवीनीकरण दोनों देशों के बीच जन-जन के संबंधों को और गहरा करेगा।

भारत के डिजिटल नवाचारों को जॉर्डन के साथ साझा करने से वहां के डिजिटल परिवर्तन को समर्थन मिलेगा और समावेशी शासन को बढ़ावा मिलेगा, उन्होंने कहा।

मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय की सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के दौरान राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को मजबूत समर्थन दिया और आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने “उग्रवाद निरोध” (डीरैडिकलाइजेशन) के क्षेत्र में राजा के अग्रणी प्रयासों की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और इस अरब देश के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है।

यह प्रधानमंत्री की जॉर्डन की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले फरवरी 2018 में वह फिलिस्तीन जाते समय जॉर्डन से होकर गुजरे थे।

भारत और जॉर्डन के बीच मजबूत आर्थिक संबंध हैं, और नई दिल्ली अम्मान का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य 2.8 अरब अमेरिकी डॉलर है।

जॉर्डन भारत को उर्वरकों का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता भी है, विशेष रूप से फॉस्फेट और पोटाश का।

इस अरब देश में 17,500 से अधिक भारतीय प्रवासियों का एक सक्रिय समुदाय भी रहता है, जो वस्त्र, निर्माण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में कार्यरत है।

जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में इथियोपिया जाएंगे।

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