कैनसस सिटी (अमेरिका), 18 दिसंबर (एपी) मिसूरी की शीर्ष अभियोजक ने कहा कि कोविड-19 महामारी से जुड़े लगभग 25 अरब अमेरिकी डॉलर के अदालती फैसले की वसूली के लिए राज्य द्वारा संघीय अधिकारियों से मदद मांगे जाने के बाद चीन ने मुकदमा दायर किया है।
अटॉर्नी जनरल कैथरीन हनवे ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि चीन ने वुहान की इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट में दायर शिकायत में राज्य से सार्वजनिक माफी की मांग की है। चीनी सरकार 50.5 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर मुआवजा, कानूनी शुल्क और आगे मुआवजे का दावा करने का अधिकार भी मांग रही है।
हनवे ने बयान में कहा, “यह मुकदमा समय खींचने की रणनीति है और इससे मुझे लगता है कि हम शुरू से ही इस मुद्दे पर सही पक्ष में रहे हैं।”
मामला उस मुकदमे से जुड़ा है जो मिसूरी ने दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महामारी के शुरुआती महीनों में चीन ने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का भंडारण किया, जिससे राज्य और उसके निवासियों को नुकसान हुआ। चीन के मुकदमे में हिस्सा न लेने के बाद एक संघीय न्यायाधीश ने इस साल की शुरुआत में मिसूरी के पक्ष में फैसला सुनाया। जब यह मुकदमा 2020 में दायर किया गया था, तब चीन ने इसे “बहुत ही बेतुका” बताया था।
पिछले महीने, मिसूरी ने वसूली के प्रयास तेज करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग से औपचारिक रूप से चीन को यह सूचित करने को कहा कि राज्य फैसले की पूर्ति के लिए पूर्ण या आंशिक रूप से चीनी सरकार के स्वामित्व वाली संपत्तियों का पीछा करने का इरादा रखता है।
वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ल्यू पेंगयू ने बुधवार को ईमेल के जरिए दिए बयान में कहा कि वह नए मामले के विवरण से परिचित नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि मिसूरी का पूर्ववर्ती मुकदमा “पूरी तरह राजनीतिक रूप से प्रेरित चाल” था। पेंगयू ने कहा, “चीन इसका कड़ा विरोध करता है, इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा और कड़े प्रतिकारात्मक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।”
चीन के विदेश मंत्रालय ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि महामारी के दौरान उसकी कार्रवाइयां अमेरिकी अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं हैं और वह इस फैसले को मान्यता नहीं देता।
कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने इस पर संदेह जताया है कि क्या मिसूरी इस फैसले की वसूली कर पाएगा, क्योंकि संघीय कानून आम तौर पर विदेशी देशों को अमेरिकी अदालतों में मुकदमों से संरक्षण देता है।
इस मामले ने एक असामान्य राह अपनाई है। अमेरिकी जिला न्यायाधीश स्टीफन लिम्बॉग ने 2022 में शुरुआत में मुकदमा खारिज कर दिया था, यह कहते हुए कि मिसूरी चीन, उसकी कम्युनिस्ट पार्टी और सात अन्य सरकारी या वैज्ञानिक एजेंसियों पर मुकदमा नहीं कर सकता। लेकिन एक अपील अदालत ने मुकदमे के एक हिस्से को आगे बढ़ने की अनुमति दी—यह आरोप कि चीन ने रेस्पिरेटर मास्क, मेडिकल गाउन और दस्तानों जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का भंडारण किया था।
चीनी अधिकारियों की ओर से कोई जवाब न मिलने पर, लिम्बॉग ने अतीत और संभावित भविष्य के नुकसान के लिए मिसूरी के 8 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अनुमान को स्वीकार किया, संघीय कानून के तहत इसे तीन गुना किया और वसूली तक 3.91 प्रतिशत ब्याज जोड़ दिया।
यह मुकदमा मूल रूप से राज्य के अटॉर्नी जनरल एरिक श्मिट ने दायर किया था, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी थे और बाद में अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए। मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि महामारी के लिए चीनी अधिकारी जिम्मेदार थे। इसके बाद इसे अटॉर्नी जनरल एंड्रयू बेली ने आगे बढ़ाया, जो ट्रंप के एक और सहयोगी थे और सितंबर में एफबीआई के सह-उप निदेशक बनने के लिए इस्तीफा दे दिया था।
हनवे, जो पूर्व अमेरिकी अभियोजक और मिसूरी हाउस की स्पीकर रह चुकी हैं, ने यह मामला तब संभाला जब रिपब्लिकन गवर्नर माइक कीहो ने उन्हें राज्य की अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया।
एसोसिएटेड प्रेस को तुरंत चीन द्वारा दायर शिकायत की अपनी प्रति नहीं मिल सकी। हालांकि, हनवे के बयान में इसकी एक प्रति का लिंक दिया गया था।
शिकायत में मिसूरी के साथ-साथ श्मिट और बेली पर “भारी गलत सूचना गढ़ने और कलंकित व भेदभावपूर्ण आरोप फैलाने” का आरोप लगाया गया है, जिससे चीन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
श्मिट ने कहा कि वह इस मुकदमे को “सम्मान के तमगे की तरह पहनेंगे” और चीनी अधिकारियों पर “महामारी के शुरुआती दिनों में अपनी सभी गलतियों से खुद को मुक्त करने की कोशिश” करने का आरोप लगाया। (एपी) आरडी आरडी
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