पूर्वी प्रशांत में कथित ड्रग तस्करी नाव पर अमेरिकी हमले में 4 की मौत: अमेरिकी सेना

FILE - President Donald Trump, accompanied by Sen. Chuck Grassley, R-Iowa, left, and Secretary of Homeland Security Kirstjen Nielsen, right, speaks at a meeting on immigration with Republican Senators in the Roosevelt Room at the White House, Thursday, Jan. 4, 2018, in Washington. AP/PTI(AP12_13_2025_000359B)

वॉशिंगटन, 18 दिसंबर (एपी)

अमेरिकी सेना ने बुधवार को कहा कि उसने पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी के आरोप वाली एक नाव पर हमला किया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। यह घटना उसी दिन सामने आई जब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ड्रग कार्टेल के खिलाफ सैन्य बल प्रयोग की शक्तियों को सीमित करने के प्रयासों को खारिज कर दिया।

यूएस साउदर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह नाव एक ज्ञात तस्करी मार्ग पर “नार्को-आतंकवादियों” द्वारा संचालित की जा रही थी। हालांकि, सेना ने इन आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया, लेकिन एक वीडियो साझा किया जिसमें पानी में चलती नाव दिखाई देती है, जिसके बाद विस्फोट होता है।

इस हमले के साथ अब तक ज्ञात नाव हमलों की संख्या 26 हो गई है, जबकि ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कम से कम 99 लोगों की मौत हो चुकी है। ट्रंप ने इन हमलों को अमेरिका में ड्रग्स की आपूर्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम बताते हुए इन्हें सही ठहराया है और दावा किया है कि अमेरिका ड्रग कार्टेल के साथ “सशस्त्र संघर्ष” में शामिल है।

इस नाव हमले के अभियान को लेकर प्रशासन को सांसदों की बढ़ती जांच का सामना करना पड़ रहा है। सितंबर की शुरुआत में हुए पहले हमले में एक अनुवर्ती हमला भी किया गया था, जिसमें पहले हमले के बाद नाव के मलबे से चिपके दो जीवित बचे लोगों की मौत हो गई थी।

बुधवार को हाउस रिपब्लिकन ने डेमोक्रेट समर्थित दो प्रस्तावों को खारिज कर दिया, जिनके तहत ट्रंप प्रशासन को कार्टेल के खिलाफ हमले जारी रखने से पहले कांग्रेस से अनुमति लेनी होती। ये मध्य और दक्षिण अमेरिका में ट्रंप के सैन्य अभियान पर हाउस में हुए पहले मतदान थे। इससे पहले सीनेट में रिपब्लिकन बहुमत ने भी ऐसे ही प्रस्तावों के खिलाफ मतदान किया था और यदि ये प्रस्ताव कांग्रेस से पारित हो जाते, तो ट्रंप द्वारा इन्हें वीटो किए जाने की लगभग पूरी संभावना थी।