पीएम और मुख्यमंत्रियों को हटाने से जुड़े विधेयकों पर अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट की समय-सीमा बढ़ी

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Oct. 3, 2025, Union Finance Minister Nirmala Sitharaman during a meeting with BJP MP Aparajita Sarangi, in New Delhi. (@nsitharamanoffc/X via PTI Photo) (PTI10_03_2025_000427B)

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (पीटीआई) प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को हटाने से संबंधित विधेयकों की जांच कर रही संसदीय समिति को गुरुवार को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए समय-सीमा बढ़ा दी गई। अब समिति बजट सत्र 2026 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकेगी।

संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्ष अपराजिता सारंगी ने लोकसभा में एक प्रस्ताव पेश कर रिपोर्ट जमा करने के लिए “बजट सत्र 2026 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक” का समय मांगा। यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया।

आमतौर पर बजट सत्र अप्रैल के पहले सप्ताह में समाप्त होता है।

समिति का कार्यकाल, जिसकी अब तक केवल एक ही बैठक हुई है, शीघ्र ही समाप्त होने वाला था।

संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक पर गठित संयुक्त समिति ने इस महीने की शुरुआत में उन राजनीतिक दलों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया था, जिन्होंने समिति का बहिष्कार किया है।

कई विपक्षी दलों ने समिति की कार्यवाही से दूरी बना रखी है। उनका तर्क है कि ये विधेयक कानून के उस मूल सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं, जिसके तहत किसी व्यक्ति को दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माना जाता है। विपक्ष का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के बाद एक महीने के भीतर जमानत न मिलने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को स्वतः पद से हटाने का प्रावधान किया गया है। पीटीआई एनएबी एआरआई

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